कांकेर। मरकाटोला गांव में सगे भाई-बहन की मौत का कारण बने आक्रामक भालू को वन विभाग ने लंबे रेस्क्यू अभियान के बाद आखिरकार पकड़ लिया। रायपुर से पहुंची वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम ने कई घंटे की मशक्कत के बाद ट्रैंक्विलाइजर डार्ट की मदद से भालू को बेहोश कर सुरक्षित तरीके से अपने कब्जे में लिया।
वन विभाग के मुताबिक रेस्क्यू अभियान आसान नहीं था। रेस्क्यू के दौरान आक्रामक भालू ने वन विभाग की गाड़ी पर भी हमला किया। हालांकि विशेषज्ञों और वनकर्मियों ने धैर्य और रणनीति के साथ अभियान जारी रखा और अंततः भालू को सुरक्षित पकड़ लिया।
भालू के बेहोश होने के बाद मौके पर मौजूद कुछ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ लोगों ने भालू पर हमला करने की कोशिश की। इस दौरान उन्हें रोकने पहुंचे वन विभाग और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित कर भालू को सुरक्षित वाहन से जिला मुख्यालय भेज दिया।
कराया जाएगा स्वास्थ्य परीक्षण : वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भालू का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद वन्यजीव नियमों के तहत उसे सुरक्षित स्थान पर रखा जाएगा। पूरे रेस्क्यू अभियान की निगरानी वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम ने की।
मरकाटोला गांव में हुई इस घटना के बाद ग्रामीणों में अभी भी भय और आक्रोश का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और वन विभाग का सहयोग करने की अपील की है।







