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उत्तर प्रदेश

यूपी पुलिस के पहरे में सैनिक: उसकी जगह छोटे भाई की दुल्हन बनी युवती, हरियाणा में सात फेरे

बिनौली (बागपत)। एक गांव में सोमवार को शिकायत के बाद सैनिक दिनभर पुलिस के पहरे में रहा। सैनिक की जगह उसका छोटा भाई बरात लेकर हरियाणा पहुंच गया। उसकी उसी युवती के साथ शादी हुई, जिसकी बड़े भाई से तय की गई थी। उधर, सैनिक की पत्नी ने स्वजन के साथ एसपी से मिलकर जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई।

एक गांव में रविवार को न्यायालय में तलाक पर सुनवाई चलने के बावजूद दूसरी शादी करने जा रहे सेना के जवान की सगाई में पहुंची उसकी पत्नी ने हंगामा करते हुए रुकवा दी थी। पुलिस ने दोनों पक्षों को किसी तरह शांत किया था, जिसके बाद सैनिक व उसके स्वजन ने न्यायालय में वाद की सुनवाई नहीं होने तक दूसरी शादी नहीं करने की लिखित रजामंदी दे दी थी।

यह था मामला

शादी के कुछ समय बाद ही दंपती में अनबन हो गई थी, जिसके बाद सैनिक ने पत्नी से तलाक लेने के लिए न्यायालय में वाद दायर किया था। मेरठ के परिवार न्यायालय ने इसी वर्ष जनवरी माह में तलाक को जायज ठहराते हुए पति के पक्ष में आदेश पारित किया था। इसके खिलाफ पत्नी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रथम अपील दायर की थी।

हाईकोर्ट ने चार जून को आदेश दिया कि अपील लंबित रहने तक हिंदू विवाह अधिनियम की धारा-15 के तहत दूसरी शादी पर रोक रहेगी।

हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार दोनों का तलाक अभी लंबित है। विवाद के चलते पत्नी अपने मायके में रह रही है। उधर, सैनिक का हरियाणा के एक गांव में रिश्ता तय हो गया था। सोमवार सुबह बरात जानी थी और सगाई कार्यक्रम था। सभी मेहमान आ चुके थे। शादी की सूचना मिलते ही पहली पत्नी अपने स्वजन के साथ पति के घर पहुंची और उसे शादी करने से रोकने का विरोध शुरू कर दिया।

इस दौरान दोनों पक्षों में झड़प, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाकर शांत किया और थाने बुला लिया। जहां सैनिक ने हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी नहीं होने तक दूसरी शादी नहीं करने का एक पत्र थाना प्रभारी को दिया, जिस पर उसके पिता के भी हस्ताक्षर हैं।

प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश कुमार शर्मा का कहना था कि पति-पत्नी का विवाद चल रहा है, जिसका वाद हाईकोर्ट में भी दायर है। पति दूसरी शादी करना चाहता था, जिसे पत्नी ने रुकवा दिया। दोनों पक्षों को न्यायालय के आदेश का पालन करने को कहा गया।

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