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उत्तर प्रदेश

पार्षद और क्रिकेटर से दरिंदा बना सत्तू एनकाउंटर में ढेर, नौकरी के बहाने किशोरियों का अपहरण कर लूटता था अस्मत, पढ़िए पूरी कहानी

मुजफ्फरनगर। पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता पर हमले का आरोपी और कुख्यात अपराधी सतपाल ऊर्फ सत्तू का पुलिस ने एनकाउंटर किया है। मूल रूप से मुजफ्फरनगर के पचैंडा गांव और चंडीगढ़ के राम दरबार निवासी सतपाल उर्फ सत्तू ने शातिराना अंदाज से कई किशोरियों का अपहरण कर यौन उत्पीड़न किया। नौकरी की चाह रखने वाले परिवारों के बीच वह खुद को फौजी बताता था। किशोरियों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपहरण कर ले जाता।

अकेले पश्चिम उत्तर प्रदेश में ही कई मामले सामने आए। किशोरी के मिल जाने के बाद कई परिवार पुलिस तक नहीं पहुंचे। कचहरी से 19 जून को तितावी क्षेत्र की किशोरी का अपहरण हुआ। पुलिस अधीक्षक सिटी अमृत जैन ने बताया कि सतपाल की उम्र लगभग पचास साल होगी। वह रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस अड्डे व अन्य ऐसे ही स्थानों पर जाकर किशोरियों से बातचीत कर अपने जाल में फंसा लेता था।
यही नहीं उनके घर चला जाता था। परिजनों को किशोरी की नौकरी का लगवाने का झांसा देकर बहाने से अपनी गाड़ी में बैठाता और अपहरण कर ले जाता था। मेरठ, बरेली, मुजफ्फरनगर और जगह क्षेत्रों में सामने आए हैं।
केस-1
शहर के रामपुरी निवासी एक किशोरी का नौकरी को बहाने अपहरण कर लिया। अपनी कार में बैठाकर हरियाणा जाने लगा। सरसावा पहुंचते ही किशोरी को अपने अपहरण का आभास हुआ। किसी तरह कार से कूदकर जान बचाई थी। मौके पर मौजूद भीड़ ने आरोपी को पिटाई कर पुलिस को सौंपा दिया। तब परिजनों ने कार्रवाई नहीं की और पुलिस ने भी आरोपी का शांतिभंग में चालान कर दिया था।
केस-2
हरियाणा के करनाल से छह महीने पहले एक किशोरी को निशाना बनाया। किशोरी के घर पहुंचकर उसके परिवार से बातचीत की। परिवार ने नौकरी की आवश्यकता बताई तो आरोपी ने खुद को फौजी बताया। इसके बाद किशोरी को इंटरव्यू के बहाने अपने साथ कार में लेकर मेरठ आ गया। पकड़े जाने पर पल्लवपुरम थाने में मामला दर्ज है।
केस-3
तितावी क्षेत्र धार्मिक स्थल पर आरोपी खड़े होकर किशोरियों को निशाना बनाता था। इसी महीने 18 जून को वह धार्मिक स्थल पर पहुंचा। एक परिवार से बहाने से बात करने लगा। घुल-मिलकर रात में उनके घर ही चला गया। रात में परिवार से बातचीत हुई नौकरी की जरूरत बताई। कचहरी में 19 जून को किशोरी और उसके पिता को कार में लेकर पहुंचा। पिता को आधार कार्ड लेने बहाने भेज दिया और इस बीच किशोरी का अपहरण कर पिस्टल से डराते हुए पंजाब ले गया।
2007 में चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षद रहा :  पुलिस अधीक्षक सिटी ने बताया कि सत्तू 2007 में चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षद भी रहा था। 2010 से धागा लदा ट्रक लूटने के मामले में वह मेरठ जेल में रहा। जेल से ही वह क्रिकेट लीग का हिस्सा भी रहा। गेंदबाजी में कई इनाम भी जीत लिए थे। ट्रक लूट की घटना में उसकी पत्नी भी जेल गई थी। इस घटना से पहले उसने अपनी पत्नी की कार का प्रयोग कर साथियों के साथ मिलकर हत्या की घटना की।

मुजफ्फरनगर का गिरोह, छोटा राजन से जुड़े तार :  जनपद के बदमाशों का यह गिरोह तैयार कर लिया था। बाद में यह मुंबई के छोटा राजन गिरोह से भी जुड़ गया। सत्तू 2011 से 2022 तक मुजफ्फरनगर जेल में रहा। इसके बाद उसे मेरठ जेल में ट्रांसफर कर दिया। 2024 में चंडीगढ़ जेल में ट्रांसफर कर दिया गया था। जमानत पर जेल से रिहा हुआ।

पत्नी के प्रेमी की हत्या, फिर लुधियाना जेल गया :  जेल से बाहर आने के बाद सत्तू ने अपनी पत्नी के प्रेमी को बहाने से ले जाकर चंडीगढ़ के समराला थाना क्षेत्र में हत्या कर दी थी। वह इस मामले में लुधियाना जेल चला गया। वहां वह बीमार रहने का नाटक करने लगा। एक बार उसने अपनी बेटी के यूपी में एसडीएम बनने की झूठी बात बताते हुए मिठाई बंटवा दी थी।

बीमार रहने के बहाने के चलते उसे दो बार सिविल अस्पताल लुधियाना में ले जाया। तीसरी बार में वह अस्पताल से छह फरवरी 2026 को पुलिस कस्टडी से भाग गया। वह तभी से इस मामले में वांछित चल रहा था। उसने चंडीगढ़ के मेयर व साथियों पर भी फायरिंग की और मेरठ में रंगदारी मांगी थी।

दो बार रणजी क्रिकेट प्रतियोगिता में खेल चुका था सत्तू :  एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि बदमाश सतपाल उर्फ सत्तू 1996 व इसके बाद मोहाली व जालंधर में दो बार रणजी क्रिकेट प्रतियोगिता खेला था। वह खिलाड़ी युवराज के साथ भी खेल चुका है। उसने युवराज के पिता पर भी हमला कर किया था। लुधियाना जेल में रहने के दौरान 2024 में केंटीन का ठेका भी लिया था।

अनिकेत फौजी बनकर तितावी निवासी किशोरी को सफाई कर्मचारी की नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपहरण किया था। अनिकेत नाम का उससे एक फर्जी आधार कार्ड भी बरामद हुआ है। वह लुधियाना की पुलिस कस्टडी से अस्पताल से भागा था। उसे पंजाब की सीआइए तलाश रही थी इसलिए वह यूपी में घूमता रहता था।

वारदात के बाद जंगल के रास्ते भागता था :  एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि घटना करने के बाद वह मुख्य मार्ग से न जाकर जंगल के रास्ते भागता था। जंगल में किशोरी के साथ हथियार के बल पर दुष्कर्म करता था। उसके शव को डॉक्टरों के तीन पैनल से वीडियोग्राफी कराते हुए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

वह अपने पास कीपैड वाला छोटा मोबाइल रखता था। उससे तितावी निवासी पीड़िता को मोबाइल फोन, जेवर व 6390 रुपये बरामद हुए हैं। उसके खिलाफ पहला मामला चंडीगढ़ के सेक्टर 31 थाने में अवैध शस्त्र बरामद होने का है। जानसठ में 2010 में जानलेवा हमला व गैंगस्टर एक्ट का मामला दर्ज हैं।

किशोरी से दुष्कर्म का आरोपी 25 हजार का इनामी सतपाल सत्तू ढेर :  मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम के साथ बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन के पास हुई मुठभेड़ में 25 हजार रुपये का इनाम सतपाल उर्फ सत्तू मारा गया। तितावी क्षेत्र की किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। मृतक मुंबई के छोटा राजन गैंग का सदस्य और चंडीगढ़ के सेक्टर-31 थाने का हिस्ट्रीशीटर था।

पांच महीने पहले लुधियाना के सिविल अस्पताल से उपचार के दौरान फरार होने के बाद वह पश्चिम यूपी के जिलों में अपराध की वारदातें अंजाम दे रहा था। मुठभेड़ में एसओजी की गाड़ी में गोली लगी। एसओजी के दरोगा अजय गौड़ व सिविल लाइन थाने का सिपाही अंकित घायल हुआ है। आरोपी से पिस्टल व एक कार, फर्जी आधार कार्ड, एक पर्स, नकद व अपहृत किशोरी के जेवर बरामद किए।

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन में बताया कि पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार देर रात रामपुर तिराहे पर संदिग्ध कार को रोकना चाहा। कार सवार ने पुलिस पर फायरिंग की और बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन की तरफ भागने लगा। पुलिस की जवाबी फायरिंग में वह दोनों पैरों में गोली लगने से घायल हो गया।
पुलिस ने पहले जिला अस्पताल और फिर निजी अस्पताल में भर्ती कराया। मंगलवार दोपहर एक बजकर 23 मिनट पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस जांच में मृतक की पहचान जिले के पचैंडा गांव निवासी और इन दिनों चंडीगढ़ के सेक्टर 31 के राम दरबार में रह रहे सत्तू के तौर पर हुई।

पंजाब, मेरठ, मुजफ्फरनगर व अन्य थानों में लूट, हत्या, दुष्कर्म व अन्य गंभीर धाराओं के 24 मामले दर्ज है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि आरोपी के खिलाफ चार राज्यों और 10 जनपदों में प्राथमिकी दर्ज है।
लुधियाना से भागा, कार लूटी…निशाने पर किशोरियां :  सत्तू इसी साल उपचार के दौरान छह फरवरी को लुधियाना पुलिस की कस्टडी से भाग गया था। सहारनपुर से कार लूट और इसके बाद पश्चिम यूपी में वारदात अंजाम दे रहा था। सिविल लाइन थाना पुलिस, सहारनपुर सदर बाजार थाना और पंजाब के लुधियाना की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
कचहरी से 19 जून को तितावी क्षेत्र की किशोरी को झांसा देकर अपहरण कर लिया और उसके साथ पंजाब ले जाकर दुष्कर्म किया। बाद में किशोरी को बस में बैठाकर वापस घर भेज दिया था। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

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