मुजफ्फरनगर। पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता पर हमले का आरोपी और कुख्यात अपराधी सतपाल ऊर्फ सत्तू का पुलिस ने एनकाउंटर किया है। मूल रूप से मुजफ्फरनगर के पचैंडा गांव और चंडीगढ़ के राम दरबार निवासी सतपाल उर्फ सत्तू ने शातिराना अंदाज से कई किशोरियों का अपहरण कर यौन उत्पीड़न किया। नौकरी की चाह रखने वाले परिवारों के बीच वह खुद को फौजी बताता था। किशोरियों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपहरण कर ले जाता।
हरियाणा के करनाल से छह महीने पहले एक किशोरी को निशाना बनाया। किशोरी के घर पहुंचकर उसके परिवार से बातचीत की। परिवार ने नौकरी की आवश्यकता बताई तो आरोपी ने खुद को फौजी बताया। इसके बाद किशोरी को इंटरव्यू के बहाने अपने साथ कार में लेकर मेरठ आ गया। पकड़े जाने पर पल्लवपुरम थाने में मामला दर्ज है।
तितावी क्षेत्र धार्मिक स्थल पर आरोपी खड़े होकर किशोरियों को निशाना बनाता था। इसी महीने 18 जून को वह धार्मिक स्थल पर पहुंचा। एक परिवार से बहाने से बात करने लगा। घुल-मिलकर रात में उनके घर ही चला गया। रात में परिवार से बातचीत हुई नौकरी की जरूरत बताई। कचहरी में 19 जून को किशोरी और उसके पिता को कार में लेकर पहुंचा। पिता को आधार कार्ड लेने बहाने भेज दिया और इस बीच किशोरी का अपहरण कर पिस्टल से डराते हुए पंजाब ले गया।
मुजफ्फरनगर का गिरोह, छोटा राजन से जुड़े तार : जनपद के बदमाशों का यह गिरोह तैयार कर लिया था। बाद में यह मुंबई के छोटा राजन गिरोह से भी जुड़ गया। सत्तू 2011 से 2022 तक मुजफ्फरनगर जेल में रहा। इसके बाद उसे मेरठ जेल में ट्रांसफर कर दिया। 2024 में चंडीगढ़ जेल में ट्रांसफर कर दिया गया था। जमानत पर जेल से रिहा हुआ।
बीमार रहने के बहाने के चलते उसे दो बार सिविल अस्पताल लुधियाना में ले जाया। तीसरी बार में वह अस्पताल से छह फरवरी 2026 को पुलिस कस्टडी से भाग गया। वह तभी से इस मामले में वांछित चल रहा था। उसने चंडीगढ़ के मेयर व साथियों पर भी फायरिंग की और मेरठ में रंगदारी मांगी थी।
दो बार रणजी क्रिकेट प्रतियोगिता में खेल चुका था सत्तू : एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि बदमाश सतपाल उर्फ सत्तू 1996 व इसके बाद मोहाली व जालंधर में दो बार रणजी क्रिकेट प्रतियोगिता खेला था। वह खिलाड़ी युवराज के साथ भी खेल चुका है। उसने युवराज के पिता पर भी हमला कर किया था। लुधियाना जेल में रहने के दौरान 2024 में केंटीन का ठेका भी लिया था।
वारदात के बाद जंगल के रास्ते भागता था : एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि घटना करने के बाद वह मुख्य मार्ग से न जाकर जंगल के रास्ते भागता था। जंगल में किशोरी के साथ हथियार के बल पर दुष्कर्म करता था। उसके शव को डॉक्टरों के तीन पैनल से वीडियोग्राफी कराते हुए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
वह अपने पास कीपैड वाला छोटा मोबाइल रखता था। उससे तितावी निवासी पीड़िता को मोबाइल फोन, जेवर व 6390 रुपये बरामद हुए हैं। उसके खिलाफ पहला मामला चंडीगढ़ के सेक्टर 31 थाने में अवैध शस्त्र बरामद होने का है। जानसठ में 2010 में जानलेवा हमला व गैंगस्टर एक्ट का मामला दर्ज हैं।







