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चयन पर रार : टेस्ट टीम को लेकर क्यों घिरे अगरकर?

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट और तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का एलान किया था। टेस्ट टीम में बड़े बदलाव नहीं हुए, लेकिन घरेलू क्रिकेट में दम दिखाने वाले खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया गया। रणजी ट्रॉफी में दमदार प्रदर्शन करने वाले आकिब नबी, सरफराज खान और मोहम्मद शमी को टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली, जबकि गुरनूर बराड़ को मौका दिया गया।

रणजी ट्रॉफी चयन का आधार नहीं?

  • बीसीसीआई द्वारा अक्सर सुनने को मिलता है कि टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट खेलना होगा।
  • घरेलू क्रिकेट में श्रेष्ठ प्रदर्शन ही खिलाड़ियों के लिए भारतीय टीम का दरवाजा खोलेगी।
  • पुरुष चयन समिति ने रणजी ट्रॉफी (2025-26) में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले और विकेट लेने वाले खिलाड़ी को मौका देना तो दूर, उनके नाम की चर्चा तक करना मुनासिब नहीं समझा।
  • बीसीसीआई भी रणजी के प्रदर्शन को टीम इंडिया में चयन का पैमाना मानती है, लेकिन अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के लिए टीम इंडिया के चयन में बीसीसीआई ने रणजी ट्रॉफी (2025-26) में गेंद और बल्ले से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया है।

आकिब को नहीं चुने जाने पर हो रहा विवाद :  रणजी ट्रॉफी (2025-26) में जम्मू-कश्मीर के 29 साल के दाएं हाथ के तेज गेंदबाज आकिब नबी ने अपने प्रदर्शन से क्रिकेट प्रशंसकों और आलोचकों को प्रभावित किया था। जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी का चैंपियन बनाने में यादगार और ऐतिहासिक भूमिका निभाने वाले नबी ने सीजन के 10 मैचों की 17 पारियों में 60 विकेट लिए थे। कुल 41 प्रथम श्रेणी मैचों में 156 विकेट ले चुके नबी को अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के लिए टीम इंडिया में चयन का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन बीसीसीआई ने उन्हें मौका नहीं दिया। वहीं, कर्नाटक के बाएं हाथ के बल्लेबाज रविचंद्रन स्मरण रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे। स्मरण ने नौ मैच की 14 पारी में तीन बार नाबाद रहते हुए चार शतक और तीन अर्धशतक की मदद से 950 रन बनाए। उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 227 था। स्मरण को भी अफगानिस्तान टेस्ट के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली है।

ऐसे ही सरफराज खान और मोहम्मद शमी लंबे समय से टेस्ट टीम से बाहर चल रहे हैं। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने तो यहां तक कहा था कि शमी के चयन को लेकर कोई चर्चा भी नहीं हुई। सरफराज और शमी ने घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं, गुरनूर बराड़ इतना प्रभावित भी नहीं कर सके थे। इसमें कोई दोराय नहीं है कि चयनकर्ताओं ने लगभग वही कोर टीम का चयन किया जो पिछले कुछ समय से खेलती आ रही है, लेकिन इन खिलाड़ियों का चयन नहीं होना थोड़ा हैरान करने वाला रहा।

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