राजस्थान के जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। 11 दिन पहले रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए 8 वर्षीय मासूम सूरज मेघवाल का शव क्षत-विक्षत अवस्था में जंगल से बरामद हुआ। लाश के अवशेष इतने बुरी हालत में थे कि पहचान मुश्किल हो रही थी। घटना की जानकारी मिलते ही मोहनगढ़ थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। शव के आस-पास कपड़े और हड्डियों के अवशेष बिखरे पड़े थे, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि शव को जंगली जानवरों ने नोचा है।
23 मई को लापता हुआ था मासूम सूरज- प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंधा गांव निवासी गुमानाराम मेघवाल का 8 वर्षीय पुत्र सूरज मेघवाल 23 मई की सुबह अपने ननिहाल मोहनगढ़ में घर के बाहर खेल रहा था। सूरज मानसिक रूप से मंदबुद्धि था और ना सुन सकता था, ना ही बोल सकता था। परिजनों का कहना है कि वह अकसर घर के आसपास खेलता रहता था लेकिन उस दिन अचानक लापता हो गया।
सोमवार 2 जून की दोपहर को पुलिस को सूचना मिली कि मोहनगढ़ से करीब 3 किलोमीटर दूर जंगल में किसी बच्चे की हड्डियाँ और कपड़े पड़े हैं। सूचना मिलते ही मोहनगढ़ थाना प्रभारी नाथू सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां का मंजर दिल दहलाने वाला था जगह-जगह मानव कंकाल के टुकड़े, खून के निशान और बच्चे के कपड़े बिखरे हुए थे।
पुलिस ने तत्काल परिजनों को मौके पर बुलाया। जैसे ही सूरज के परिजनों ने कपड़े देखे, उनका कलेजा कांप उठा। उन्होंने रोते-बिलखते हुए कपड़ों और शरीर के अवशेषों को अपने लापता बेटे सूरज के रूप में पहचाना। घटनास्थल पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए एफएसएल टीम को बुलाया। मौके से हड्डियों, बालों और कपड़ों के नमूने एकत्र कर डीएनए जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि शव की शिनाख्त वैज्ञानिक रूप से भी हो सके। पुलिस ने यह भी जानकारी दी है कि शव के अवशेषों का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। इसके बाद ही शव परिजनों को सौंपा जाएगा।







