नईदिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार रात को इंडियन पीएसी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (आई-पैक) के निदेशक विनेश चंदेल को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत चल रही जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। विनेश चंदेल आई-पैक के संस्थापक, निदेशक और 33 फीसदी शेयरधारक हैं।
कोर्ट ने बुधवार मध्य रात्रि को विनेश चंदेल को 10 दिन की हिरासत में भेज दिया है। ईडी ने दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। अब तक की जांच में आई-पैक द्वारा वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के विभिन्न तरीकों के कई मामले सामने आए हैं। इसमें हिसाब-किताब वाले और बिना हिसाब-किताब वाले फंड की प्राप्ति, बिना किसी व्यावसायिक प्रमाण पत्र के असुरक्षित ऋण प्राप्त करना, फर्जी बिल और इनवॉइस जारी करना, तीसरे पक्ष से धन प्राप्त करना और अंतरराष्ट्रीय हवाला के माध्यम से नकदी का लेन-देन शामिल है।
जांच में यह भी पता चला है कि आई-पैक करोड़ों रुपये के आपराधिक धन को मनी लॉन्ड्रिंग करने में शामिल थी। अब तक बरामद की गई राशि लगभग 50 करोड़ रुपये है। जांच के दौरान, लेन-देन से जुड़े विभिन्न व्यक्तियों के बयान दर्ज किए गए। तलाशी भी ली गई और आपत्तिजनक सामग्री एकत्र की गई। जांच के दायरे में आए अपराध में विनेश चंदेल की भूमिका सामने आई है। कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत, कंपनी के निदेशक उस स्थिति में उत्तरदायी होते हैं, जब अपराध उनकी सहमति, मिलीभगत या लापरवाही से किया गया हो।







