पुरी। जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान वीआईपी दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं को ठगने के लिए बनी एक फर्जी वेबसाइट के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। इसके साथ ही श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने सोमवार को भुगतान लेकर ‘वीआईपी दर्शन’ कराने का दावा करने वाले फर्जी विज्ञापनों से लोगों को सावधान रहने की सलाह दी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि 12वीं सदी के इस मंदिर में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।
शिकायत में क्या कहा गया? : शिकायत में कहा गया, “‘ईओडिशा’ की ओर से प्रसारित किया गया यह विज्ञापन पूरी तरह फर्जी है और आम लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के उद्देश्य से जारी किया गया है। श्रद्धालुओं से अपील है कि वे ऐसे किसी भी विज्ञापन पर भरोसा न करें।” सेंट्रल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सत्यजीत नाइक ने कहा कि इस मामले में FIR दर्ज कर ली गई है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, “वीआईपी दर्शन की कोई व्यवस्था या नियम बिल्कुल नहीं है।” अधिकारियों के अनुसार, संबंधित पोर्टल ने सोशल मीडिया पर ऐसे विज्ञापन प्रसारित किए थे, जिनमें दावा किया गया था कि एक अगस्त से भुगतान के बदले मंदिर में आसान और विशेष प्रवेश की “नई सुविधा” उपलब्ध कराई जाएगी।







