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जहरीली शराब कांड में 7 की मौत मामला : मास्टरमाइंड उज्जैन से गिरफ्तार, 13 आरोपी जेल दाखिल

गुजरात के भावनगर में नकली शराब के सेवन से 7 लोगों की मौत हो गई है, जिसकी वजह मिथाइल अल्कोहल बताई गई है। इस मामले में मुख्य आरोपी रईस को उज्जैन से गिरफ्तार किया गया है और कुल 13 आरोपियों को जेल भेजा गया है।

भावनगर। गुजरात के भावनगर में हुए सनसनीखेज नकली शराब मामले (लट्ठाकांड) में स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) की टीम ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि यह एक गंभीर लट्ठाकांड है। प्राथमिक जांच और पीड़ितों तथा मृतकों की ब्लड रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि इस नकली शराब में मिथाइल अल्कोहल (मिथेनॉल) की मौजूदगी ही लोगों की मौत का मुख्य कारण बनी। इस जहरीली शराब के सेवन के कारण कुल 7 लोगों की जान चली गई है।

इस साजिश के मुख्य सूत्रधारों में रईस और गौतम के नाम सामने आए हैं, जिनका संपर्क पहले मध्य प्रदेश में हुआ था। एसएमसी की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश के उज्जैन से मुख्य आरोपी रईस को गिरफ्तार कर लिया है।

जांच में पता चला है कि भावनगर के वरतेज गांव में मुख्य आरोपी गौतम के घर पर ही यह नकली शराब बनाने का अवैध कारखाना चला रहा था। पुलिस ने गौतम के घर पर छापा मारकर नकली शराब का एक बड़ा जत्था जब्त किया है।

मुख्य आरोपी रईस और नरेंद्रसिंह यादव उर्फ डॉक्टर दोनों ही नकली शराब बनाने का वैज्ञानिक फॉर्मूला अच्छी तरह से जानते थे और इसी आधार पर इसे तैयार करते थे।

अहमदाबाद के रास्ते ट्रांसपोर्ट से आया था कच्चा माल : पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि नकली शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला मुख्य कच्चा माल (रॉ-मटेरियल) दूसरे राज्यों से अहमदाबाद ट्रांसपोर्ट के माध्यम से गुजरात में लाया गया था।

इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए एसएमसी की टीमें दिल्ली, मध्य प्रदेश और हरियाणा समेत कई राज्यों में सघन छापेमारी कर रही हैं। इसके अलावा, नकली शराब की पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली बोतलें, ढक्कन, स्टिकर और अन्य आवश्यक सामग्री कहाँ से लाई गईं, इसकी भी घनिष्ठ जांच चल रही है।

21 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज :  अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में पुलिस और एसएमसी टीम की सबसे पहली प्राथमिकता उन अन्य लोगों को खोजना और समय पर इलाज उपलब्ध कराना है जिन्होंने इस शराब का सेवन किया है, ताकि उनकी कीमती जान बचाई जा सके।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रोहिबिशन एक्ट के साथ-साथ अन्य कई गंभीर धाराएं भी जोड़ी हैं। पुलिस को गुमराह करने या सबूतों को नष्ट करने का प्रयास करने वाले आरोपियों के रिश्तेदारों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने अब तक कुल 21 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिनमें से रॉ-मटेरियल सप्लाई करने वाले, शराब बनाने वाले और बेचने वाले 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

भावनगर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मयूरसिंह चावडा ने चौंकाने वाले खुलासे करते हुए बताया कि इस पूरे रैकेट के तार अन्य राज्यों से जुड़े हुए हैं।

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