कोरबा। भूलसीडीह गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब पाले गए बत्तख को अजगर ने अपना शिकार बना लिया। बाड़े के अंदर अजगर को बत्तख को निगलते देख घर वालों के होश उड़ गए।
जानकारी के अनुसार हीरा उरांव ने तीन बत्तख पाल रखे हैं। रोज की तरह सुबह वह बत्तखों को दाना देने के लिए आवाज लगा रहे थे। दो बत्तख तो बाहर आ गए, लेकिन तीसरा बत्तख बाहर नहीं आया। अनहोनी की आशंका पर जब हीरा उरांव ने बाड़े के अंदर झांक कर देखा तो नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। एक विशाल अजगर ने बत्तख को जकड़ रखा था और उसे निगल रहा था।
घटना से घबराए हीरा उरांव ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग से जुड़े वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी को दी। सूचना मिलते ही सारथी ने तुरंत अपनी टीम के सदस्य राजू बर्मन और राकेश मानिकपुरी को मौके के लिए रवाना किया। रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बड़ी सावधानी से अजगर का रेस्क्यू किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया गया। बाद में वन विभाग की मौजूदगी में उसे जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
जितेंद्र सारथी ने बताया कि बरसात के दिनों में अक्सर सांप और अजगर भोजन की तलाश में आबादी क्षेत्र की ओर आ जाते हैं। अजगर लगभग 12 किलो वजनी 9 फिट लंबाई अजगर था। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि वन्यजीव हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यदि किसी घर, फार्म हाउस या गांव में सांप अथवा कोई अन्य वन्यजीव दिखाई दे तो घबराएं नहीं और उसे नुकसान न पहुंचाएं। तत्काल वन विभाग या अधिकृत रेस्क्यू टीम को सूचना दें ताकि जीव को सुरक्षित बचाया जा सके।







