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कोरबा छत्तीसगढ़

पहले पानी मिलाना पड़ता था, अब ऐसे ही डकार जाते हैं पौवा, शौकीनों से जमकर लूट

कोरबा। देशी शराब में जमकर पानी मिलाने का खेल चल रहा है। शौकीनों ने एक बार फिर देशी शराब का टेस्ट चेंज होने की बात कही है। उनका कहना है कि पहले पाव में पानी मिलाकर पीना पड़ता था, लेकिन अब बोतल खोलकर ऐसे ही डकार जाते हैं। मिलावट की वजह से तीन पाव खरीदना पड़ रहा है।

कोरबा टूडे स्टूडियो ने 14 सितंबर को देशी शराब में मिलावट से परेशान, अब एक से नहीं बल्कि तीन पाव में हिल रहा कांटा, खबर को प्रमुखता के साथ पोस्ट किया था। खबर पोस्ट होने के बाद एक बार फिर देशी शराब में मिलावट को लेकर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। देशी शराब के शौकीनों ने आरोप लगाया कि कर्मचारी अपनी ऊपरी कमाई के लिए शराब में मिलावट कर रहे हैं। मिलावट की वजह से अधिक मात्रा में शराब खरीदना पड़ रहा है। ऐसे में आर्थिक भार भी पड़ रहा है। शराब दुकान से पौवा खरीदने के बाद उसमें लिकेज रहता है। ढक्कर भी लूज रहता है। हल्का सा जोर देने पर हाथ में आ जाता है। प्रतीत होता है कि मिलावट करने के बाद पुनः उसे सील कर दिया जाता है। शौकीनों के अनुसार कुसमुंडा, राताखार और ट्रांसपोर्ट नगर स्थित शराब दुकान में मिलावट कर देशी शराब बेची जा रही है।

क्यों नहीं हो रही कार्रवाई

आबकारी विभाग के अधिकारियों को मालूम है कि शराब के ज्यादातर शौकीन पानी मिलाकर सेवन करते हैं। अगर शराब की बोतल में पानी मिलाकर पुनः सील कर दिया जाए तो उसे मिलावट नहीं कह सकते। बोतल में सील लगी है तो शिकायत कैसी। हां अगर शराब में जहर से मौत होती है तो पुलिस मामले की जांच करेगी। चांपा-जांजगीर जिले में तीन लोगों की मौत शराब में जहर मिलाने की वजह से हो चुकी है।

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