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कोरबा छत्तीसगढ़

गोल्ड चेन स्नेचिंग के बाद अब सोनार पर शिकंजा, 67 ग्राम गला हुआ सोना बरामद

पुलिस ने किया गिरफ्तार

कोरबा। बसों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में महिलाओं को निशाना बनाकर सोने की चेन और मंगलसूत्र झपटने वाले गिरोह की जांच अब चोरी का सोना खरीदने वाले सोनार तक पहुंच गई है। रतनपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कटघोरा के एक सोनार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कब्जे से करीब 67 ग्राम यानी लगभग 7 तोला गला हुआ सोना बरामद किया गया है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान गौतम दुबे (35), निवासी मोहलाईनभाठा, कटघोरा, जिला कोरबा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पहले महिलाएं करती थीं झपटमारी, अब खरीदार तक पहुंची पुलिस

मामला उस महिला झपटमार गैंग से जुड़ा है, जिसे कुछ दिन पहले पुलिस ने यात्री बस को रुकवाकर पकड़ा था। आरोप है कि गिरोह में शामिल महिलाएं बसों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर यात्रियों की रेकी करती थीं और मौका मिलते ही सोने की चेन और मंगलसूत्र झपटकर फरार हो जाती थीं।

गिरोह के सदस्यों से पूछताछ के दौरान पुलिस को कथित तौर पर चोरी के सोने के खरीदार के बारे में जानकारी मिली। जांच आगे बढ़ी तो कटघोरा के सोनार गौतम दुबे का नाम सामने आया।

चोरी का सोना खरीदकर गला देता था? पुलिस ने 67 ग्राम बरामद किया

पुलिस के अनुसार, आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसके द्वारा गिरोह से करीब 7 तोला चोरी का सोना खरीदकर उसे गलाने की बात सामने आई।

इसके बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 67 ग्राम गला हुआ सोना बरामद किया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद सोना किन-किन वारदातों से जुड़ा है और इसे आगे कहां खपाया जाना था।

कोरबा की वारदातों को लेकर भी उठ रहे सवाल

महिला झपटमार गिरोह की गिरफ्तारी के बाद कोरबा में हुई कथित झपटमारी की घटनाओं को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि गिरोह के सदस्यों पर कोरबा की कुछ वारदातों में शामिल होने का संदेह था।

अब इस मामले में यह देखना अहम होगा कि रतनपुर पुलिस की पूछताछ के दौरान कोरबा की घटनाओं और चोरी के सोने की सप्लाई चेन से जुड़े कितने नए तथ्य सामने आते हैं।

पुलिस टीम की अहम भूमिका

कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय और प्रधान आरक्षक बलदेव सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि चोरी के सोने की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। एक्शन अब झपटमारों से आगे बढ़कर उस नेटवर्क तक पहुंच गया है, जहां चोरी के माल को खपाने की कोशिश की जाती थी।

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