US-Iran Tension : खाड़ी में एक बार फिर युद्ध हो सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच 14 प्वाइंट्स वाले शांति समझौते पर सहमति के बावजूद जंग का साया मंडरा रहा है, क्योंकि इस डील के बाद अमेरिका और ईरान तो एक बार फिर युद्ध शुरू करते-करते रूक गए हैं, लेकिन इजरायल दोनों देशों के बीच विलेन बन रहा है।
वह अमेरिका ईरान के बीच युद्ध बिना अपने मकसद में कामयाब होने से पहले किसी हाल में रोकना नहीं चाहता। यही वजह है कि नेतन्याहू की सेना लेबनान से लेकर गाजा तक लगातार बम बरसा रही है और अब इजरायल के रक्षा मंत्री ने तो खुली चेतावनी भी दे रहे हैं कि अगर ईरान ने लेबनान के समर्थन में कोई भी कदम उठाया तो इजरायल अगले 48 घंटे में उसके साथ भी युद्ध का अब नया मोर्चा खोल सकता है।
अमेरिका ईरान के बीच इजरायल क्यों बना विलेन? : जहां एक तरफ ट्रंप दावा कर रहे है कि दोहा में ईरान के साथ बातचीत आगे बढ़ने वाली है, तो दूसरी तरफ ईरान साफ-साफ कह रहा है कि फिलहाल अमेरिका के साथ उसकी कोई बातचीत तय नहीं है। यानी इस जंग के दो सबसे अहम किरदार अलग-अलग बातें कर रहे हैं, लेकिन इस युद्ध के तीसरे किरदार इजरायल को इन बैठकों और दावों से कोई लेना देना नहीं है और वो पीस डील के बावजूद लगातार लेबनान पर हमले कर रहा है। अब सवाल सिर्फ लेबनान या गाजा का नहीं, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट का है।
ट्रंप की डिप्लोमेसी नेतन्याहू के सामने बेअसर हो गई है? : ऐसे में क्या ट्रंप की डिप्लोमेसी नेतन्याहू की मिसाइलों के सामने बेअसर हो गई है, क्या ईरान को बातचीत की टेबल पर लाने के लिए दबाव का दांव खेला जा रहा है और अगर ईरान लेबनान के समर्थन में उतरा तो क्या मिडिल ईस्ट में एक बार फिर महायुद्ध शुरू हो जाएगा। रविवार को ईरान के शीर्ष राजनयिक ने ज़ोर देकर कहा कि उनका देश होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और उसके कामकाज की निगरानी करेगा। साथ ही, उन्होंने “इस मामले” में किसी भी तरह के दखल के खिलाफ चेतावनी भी दी।
ईरान ने क्या कहा? : ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने बगदाद यात्रा के दौरान अपने इराकी समकक्ष फुआद हुसैन से मुलाकात करते हुए कहा, “इस मामले में कोई भी दखल, या इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान द्वारा अभी किए जा रहे इंतजामों से अलग कोई नया इंतजाम करने की कोशिश, सिर्फ़ और मुश्किलें पैदा करेगी। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में देरी होगी और तनाव बढ़ेगा, ठीक वैसे ही जैसे पिछली दो रातों में होर्मुज जलडमरूमध्य में हुई घटनाओं से तनाव और टकराव बढ़ा है।”
ईरान ने अमेरिका को क्या धमकी दी? : ईरान ने रविवार को बहरीन और कुवैत को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले किए। यह हमला इस्लामिक रिपब्लिक पर हुए अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में था। साथ ही, ईरान ने धमकी दी कि अगर अमेरिका ने हमले जारी रखे तो युद्ध खत्म करने के लिए हो रही बातचीत “पूरी तरह से रुक” सकती है। ईरान का कहना है कि इस जलडमरूमध्य पर सिर्फ़ उसका ही नियंत्रण होना चाहिए। फारस की खाड़ी (Persian Gulf) के इस संकरे मुहाने से कभी दुनिया का पांचवां हिस्सा तेल और प्राकृतिक गैस का व्यापार होता था।
ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते में क्या है? : अमेरिका और ईरान अभी भी एक अंतरिम शांति समझौते की शर्तों पर बातचीत कर रहे हैं। इन शर्तों में फारस की खाड़ी के संकरे मुहाने से जहाजों को गुजारना, अमेरिकी नाकेबंदी और प्रतिबंध हटाना, और ईरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम (highly enriched uranium) के भंडार के भविष्य पर चर्चा करना शामिल है। इस महीने की शुरुआत में हुए समझौते (memorandum of understanding) के तहत, अमेरिका और ईरान के पास इन विवरणों को अंतिम रूप देने के लिए 60 दिन का समय है। इन हमलों से समझौते के अंतिम रूप लेने से पहले ही उसके विफल होने का खतरा पैदा हो गया है।







