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नेपाल में जलप्रलय का कहर और बढ़ा! 734 मौतें, 2500 लोग लापता, जारी है जिंदगी बचाने की जंग

तबाही के बीच युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन, हजारों सुरक्षाकर्मी मैदान मेंख् भारत समेत कई देशों से पहुंच रही राहत और विशेषज्ञों की मदद

काठमांडू। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी है। प्राकृतिक आपदा के बाद मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक नेपाल में अब तक 734 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,498 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने से मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

आपदा प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। सेना और पुलिस के हजारों जवान मुश्किल हालात के बीच लोगों की तलाश में जुटे हैं। अब तक हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, लेकिन कई दुर्गम इलाकों और सुरंगों तक पहुंचना अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।

मौतों का आंकड़ा बढ़ा, हजारों लोगों का अब भी पता नहीं

नेपाल में आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। नदियों के उफान में सड़कें, पुल और घर बह गए हैं। कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। सबसे बड़ी चिंता उन करीब ढाई हजार लोगों को लेकर है, जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल सका है।
प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। मलबे, नदियों के किनारे और दुर्गम इलाकों में बचाव दल लोगों की तलाश कर रहे हैं।

20 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी रेस्क्यू में जुटे

राहत और बचाव अभियान को बड़े स्तर पर चलाया जा रहा है। सेना और पुलिस के करीब 20 हजार सुरक्षाकर्मी अभियान में जुटे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 8 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। हालांकि खराब मौसम, क्षतिग्रस्त सड़कें, बह चुके पुल और लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण रेस्क्यू टीमों के सामने लगातार नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं।

भोटेकोशी नदी फिर बढ़ा रही टेंशन

तबाही के बाद भी खतरा पूरी तरह टला नहीं है। भोटेकोशी नदी का जलस्तर फिर बढ़ने की खबरों के बीच अधिकारियों ने कई इलाकों में अलर्ट जारी किया है। लोगों को सतर्क रहने और नदी के आसपास के इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। यानी एक तरफ राहत टीमें मलबे में जिंदगी तलाश रही हैं, तो दूसरी तरफ बढ़ता पानी नए खतरे की आशंका पैदा कर रहा है।

सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने की चुनौती

बाढ़ के कारण कई जलविद्युत परियोजनाओं और सुरंगों में लोगों के फंसे होने की आशंका है। ऐसे स्थानों तक पहुंचने के लिए विशेष तकनीकी और बचाव दल लगाए गए हैं। त्रिशूली क्षेत्र में भी सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

भारत भी लगातार भेज रहा राहत सामग्री

नेपाल की इस त्रासदी के बीच भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में मदद बढ़ा दी है। भारत की चौथी राहत उड़ान 11 टन जरूरी सामान के साथ नेपाल पहुंच चुकी है। इसमें कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट के साथ सुरंग बचाव के लिए तकनीकी टीम और फोरेंसिक विशेषज्ञ भी शामिल हैं। भारत की ओर से अब तक 68.5 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी जा चुकी है।
इसके अलावा भारत ने टूटे संपर्क मार्गों को बहाल करने के लिए मॉड्यूलर स्टील ब्रिज से जुड़ा सामान भी नेपाल भेजा है।

अपनों की तलाश में टकटकी लगाए बैठे परिवार

नेपाल की इस त्रासदी ने हजारों परिवारों को चिंता और इंतजार में डाल दिया है। जिन लोगों का अभी तक पता नहीं चला है, उनके परिजन लगातार राहत और बचाव टीमों से किसी अच्छी खबर की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

नेपाल में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और हर गुजरते घंटे के साथ मलबे तथा प्रभावित इलाकों से लोगों की तलाश तेज की जा रही है। लेकिन 734 मौतों और करीब 2500 लोगों के लापता होने का आंकड़ा इस आपदा की भयावहता की पूरी कहानी बयां कर रहा है।

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