छांयसा थाने में विष्णु देव ने दी शिकायत में बताया कि वह इंडियन बैंक की छांयसा स्थित शाखा में प्रबंधक हैं। संदीप कुमार 12 अगस्त 2024 से आठ अप्रैल 2025 तक इसी बैंक की शाखा में सहायक शाखा प्रबंधक के पद पर नियुक्त थे। वह दिल्ली, रोहिणी, सेक्टर- 3 के रहने वाले हैं।
छांयसा शाखा की एटीएम आफिसर का कार्यभार भी संदीप के पास था और एटीएम में कैश डालने व निकालने की जिम्मेदारी भी संदीप की थी। तीन अप्रैल 2025 को छांयसा शाखा के कैशियर विक्रम सिंह अवकाश पर थे। उनकी अनुपस्थिति में संदीप कुमार को कैशियर का कार्यभार दिया गया था।
संदीप कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कैश काउंटर से चार लाख रुपये चोरी कर लिए। जिसकी जानकारी शाखा का कैश बंद करते समय हुई। संदीप कुमार से पूछताछ करने पर पता चला कि उसने अपनी उधारी चुकता करने के लिए वह राशि चुराई थी।
इसके बाद शाखा द्वारा चुराई राशि वापस जमा करवाने के लिए दबाव बनाया तो उसने चार लाख रुपये वापस जमा करा दिए। सात अप्रैल 2025 को किसी कार्य के लिए शाखा में कैश की जरूरत थी। तो उसने शाखा के एटीएम को खोलकर कैश गिना तो पाया कि बैंक के सिस्टम में और एटीएम में मौजूद कैश में अंतर है। 6.62 लाख गायब थे।
इस बारे में भी संदीप कुमार से पूछताछ की गई, तब उसने बताया कि उन्होंने शाखा के एटीएम से कैश निकाल लिए हैं। उससे यह रकम भी वापस देने के लिए कहा गया तो उसने 2.30 लाख रुपये जमा करा दिए। अब उस पर 4.32 लाख रुपये बकाया है। जिसे उसने जमा नहीं कराया है।
इस मामले की सूचना व शिकायत पुलिस को दी गई। संदीप कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शाखा की एटीएम से पैसे निकालकर हड़प कर लिए। 21 मई को इस बारे में शिकायत पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने जांच के बाद अब मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। पुलिस की एक टीम ने बैंक व एटीएम के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि सबूत मिल सके कि उसी ने पैसे निकाले हैं।







