नईदिल्ली। पूर्वी एशिया में टाइफून रागासा ने दस्तक दे दी है, जिसका असर हांगकांग और दक्षिणी चीन के कुछ हिस्सों पर देखने को मिल रहा है। दोनों देशों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। चीन ने लगभग 10 शहरों में स्कूल और बिजनेस बंद करने का आदेश जारी किया है। साथ ही कई फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं। टाइफून रागासा पहले फिलिपींस में तबाही मचा चुका है। इस भयंकर तूफान के कारण कई पेड़ गिर गए, घर की छतें उजड़ गईं और 2 लोगों की जान चली गई। खासकर उत्तरी फिलिपींस में हजारों लोगों को स्कूलों और राहत केंद्रों में शरण दी गई है।
हांगकांग मौसम सेवा के अनुसार, टाइफून रागासा के कारण हवाओं ने भी तूफान का रूप धारण कर लिया है। 121 मील (195 किलोमीटर) प्रति घंटे की रफ्तार से यह तूफान दक्षिणी चीन सागर के सहारे पश्चिमी की तरफ बढ़ रहा है।
हांगकांग ने मंगलवार की शाम लगभग 6.40 बजे हाई अलर्ट जारी किया था। समुद्र की लहरें 4-5 मीटर ऊंची उठ रही थीं, जिससे पानी शहरों में घुस गया। बड़ी-बड़ी इमारतों के पास समुद्र की उफान मारती लहरों का डराने वाला मंजर आसानी से देखा जा सकता था। ताईवान में टाइफून रागासा के कारण एक झील फट गई, जिससे 14 लोगों की मौत हो गई। तूफान के कारण आसपास के इलाकों में भारी बारिश हो रही है। इसी बीच ताईवान में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
ताईवान की सरकार आज सुबह 7 बजे तूफान से होने वाली मौतों की जानकारी देते हुए कहा- 14 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 18 लोगों के घायल होने की खबर मिली है। बीती रात तक 30 लोग लापता थे, जिनके लिए सर्च ऑपरेशन चलाया गया है। टाईफून रागासा के कारण ताईवान की ओल्ड बैरियर लेक अचानक फट गई, जिससे इलाके में बड़े पैमाने पर भूस्ख्लन और फ्लैश फ्लड्स जैसे हालात बन गए। इस आपदा में 260 लोगों के फंसे होने की आशंका है। इलाके की सारी नदियां भी उफान पर है। लोगों को बचाने के लिए इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।







