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छत्तीसगढ़

सक्ती डुमरपारा हत्याकांडः कोरबा का “बाघा” को देख कांप उठा कातिल, स्वीकार किया अपना गुनाह

सक्ती-बाराद्वार। कोरबा जिला पुलिस बल में तैनात और अपराधियों की धर पकड़ में खास भूमिका निभाने वाला ट्रैकर डॉग “बाघा” पड़ोसी जिला सक्ती में भी अपनी काबिलियत दिखा आया। उसने यहां एक महिला की हत्या की गुत्थी को सुलझाने में खास सहयोग दिया। मुख्य संदेही/आरोपी से हिरासत में पूछताछ चल रही थी। वह पुलिस को लगातार गुमराह कर रहा था, लेकिन जैसे ही बाघा हत्यारे की तलाश करते उसके पास पहुंचा, बाघा को देखते ही वह थर-थर कांपने लगा और अपना गुनाह बिना किसी सख्ती के ही स्वीकार कर लिया।

30 मई की रात्रि 10 बजे बाराद्वार पुलिस को डुमरपारा में एक महिला का शव खण्डहरनुमा मकान में संदिग्ध अवस्था में होने की सूचना मिली। सूचना पर तत्काल हमराह स्टाफ के साथ थाना प्रभारी निरीक्षक लखन लाल पटेल घटनास्थल पहुंचे। सूचक रामकुमार पिता स्व. ईश्वर लाल केंवट निवासी डुमरपारा की रिपोर्ट पर मर्ग कायम कर जांच में लिया गया। सूचक/प्रार्थी ने बताया कि वह अपने लूना से ग्राम डोंगरीडीह गुरु महराज यादराम बाबाजी के आश्रम उनके जन्मदिन में शामिल होने गया था। उसकी पत्नर दुवासबाई केंवट, बेटी चंचल केंवट, भारती केंवट घर पर थे तथा लडका तनवीर केंवट प्रातः 8 बजे काम पर चला गया था। आश्रम से शाम लगभग 7 बजे वापस वह घर पहुंचा तो पत्नी दुवासबाई केंवट घर पर नहीं थी। बेटी चंचल ने बताया कि मां दोपहर 3 बजे से घर पर नहीं है, कहीं चली गई है, बताकर नहीं गई है। प्रार्थी अपने बेटे तनवीर के साथ खोजते हुए घर के बगल में युधिष्ठिर केंवट का खंडहरनुमा मकान में जाकर देखा तो वह कमरे में लहुलूहान मृत हालत में पड़ी थी। उसके माथा, सिर एवं शरीर में अन्य जगह पर गंभीर चोट था।

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