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छत्तीसगढ़

अंधविश्वास में जिंदा होने की उम्मीद लिए दो भाईयों के शवों को गोबर में गाड़ा, घंटों बीत जाने के बाद पहुंची पुलिस…

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। अंधविश्वास से जुड़ा एक मामला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला के नागपुर चौकी क्षेत्र के ग्राम सोनवर्षा में देखने को मिला। शनिवार को आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो भाईयों की मौत हो गई थी।
इस घटना के बाद परिजनों को दोबारा उनके जिंदा होने की आस थी। ग्रामीणों में ऐसी मान्यता है कि आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मारे गए लोगों को उनके शरीर में गोबर का लेप लगाने या गोबर में गाड़ने से वह जिंदा हो जाता है। अंधविश्वास की यह कुप्रथा काफी समय से चली आ रही है। लिहाजा ग्रामीणों के साथ परिजनों ने भी दोनों भाईयों के जिंदा होने की उम्मीद लिये शवों को धड़ तक गोबर में गाड़ दिया। इस दौरान ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। घंटों बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों में शवों के जिंदा होने की आस नहीं टूटी। इधर पुलिस को इस बात की जानकारी हुई तो मौके पर पहुंची टीम ने परिवार वालों व ग्रामीणों को समझाया। उन्हें बताया कि मृत व्यक्ति कभी जिंदा नहीं होता है। इसके बाद शवों को बाहर निकाला गया। शवों का अंतिम संस्कार गांव में ही कर दिया गया।
बता दें सोनवर्षा के कछारपारा में 22 अप्रैल यानी शनिवार को दोपहर बाद आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई थी। इस दौरान गाज की चपेट में आने से दोनों भाईयों की मौत हो गई थी। ये दोनों बारिश से बचने महुआ पेड़ के नीचे आश्रय लिए थे। इसी दौरान यह घटना घट गई। घटना के बाद से गांव में शोक की लहर है।

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