हाजीपुर। हाजीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच-22 पर सराय थाना क्षेत्र के पटेढ़ा टोल प्लाजा के निकट शनिवार की अल सुबह करीब चार बजे कार और ट्रक की टक्कर में डॉक्टर दंपती की मौत हो गई, जबकि चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में कार में मौजूद कुत्ता बाल-बाल बच गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही आसपास के राहगीर जुट गए और सराय थाना पुलिस को जानकारी दी गई।
सूचना मिलते ही सराय थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और घंटों की मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त कार से सभी को बाहर निकालकर आनन-फानन में सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टर ने जांच के बाद दंपती को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल चालक अररिया निवासी संजय कुमार सुधांशु को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। मृतक डॉ. जितेंद्र प्रसाद शेखपुरा जिले के बरबीघा थाना क्षेत्र के गंगरी गांव निवासी स्वर्गीय ब्रह्मदेव रावत के 60 वर्षीय पुत्र थे। उनकी पत्नी 52 वर्षीय ज्योत्सना प्रसाद भी इस हादसे में जान गंवा बैठीं।
घटना के संबंध में सदर थाना के पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि टोल प्लाजा के समीप पूर्वी लेन में मुजफ्फरपुर की ओर से आ रही कार और ट्रक में हुई टक्कर में कार सवार डॉक्टर पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। चालक ने बताया कि वह अररिया से डॉक्टर दंपती को पटना लेकर जा रहा था। घटना की सूचना पर पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को जब्त कर थाने ले लिया। वहीं घटना की सूचना मिलते स्वजन सदर अस्पताल पहुंच गए।
बीमार सास को देखने के लिए पटना जा रहे थे
बताया जाता है कि अपनी सास को देखने के लिए शुक्रवार की रात करीब आठ बजे डॉक्टर अपनी पत्नी के साथ कार से पटना के लिए निकले थे। इसी दौरान शनिवार की सुबह टोल प्लाजा के पास यह हादसा हो गया। डॉ. जितेंद्र प्रसाद अररिया सदर अस्पताल में करीब 15 वर्षों से कार्यरत थे और दो बार सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक भी रह चुके थे। उनके दो पुत्र हैं, बड़ा पुत्र लव महाराष्ट्र में सरकारी अस्पताल में चिकित्सक है, जबकि छोटे पुत्र नव की मेडिकल की पढ़ाई पूरी हो चुकी है।
सदर अस्पताल में दी गई श्रद्धांजलि
सदर अस्पताल परिसर में सिविल सर्जन डॉ. श्यामनंदन प्रसाद, अधीक्षक डॉ. गुड़िया कुमारी सहित अन्य चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए डॉक्टर दंपती को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद स्वजन शव लेकर गांव चले गए।







