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बिहार

चचेरे भाई ने नाबालिग को किया प्रेग्नेंट, नवजात के डीएनए से हुई पुष्टि, आरोपी को 20 साल की सजा

हाजीपुर। लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश ने एक किशोरी के साथ करीब डेढ़ वर्षों तक दुष्कर्म करने के मामले में उसके चचेरे भाई और उसके एक साथी को 20-20 वर्ष सश्रम कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि लालगंज थाना क्षेत्र की 16 वर्षीय किशोरी को उसके अपने चचेरे भाई गुड्डू सहनी लालगंज स्थित अपने दोस्त के खाली मकान में मार्च 2021 में ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना को किसी को नहीं बताने को लेकर उसे धमकी दी। डरकर वह किसी को कुछ नहीं बताई।

गर्भवती होने पर हुआ खुलासा

सितंबर 2022 में किशोरी के पेट में दर्द होने लगा। तब उसकी मां ने जांच करवाई। इस दौरान पता चला कि वह गर्भवती है। इस पर किशोरी ने अपनी मां को आपबीती बताई। इसके बाद उसकी मां गुड्डू सहनी से पूछताछ करने गई तो गुड्डू सहनी उसे 04 हजार रुपए देकर गर्भपात कराने की कोशिश करने लगा, लेकिन उसकी मां ने महिला थाने में गुड्डू सहनी और उसके दोस्त बजरंगी सहनी के विरुद्ध प्राथमिकी कराई।

मामले में पुलिस के जांच कराने पर किशोरी के गर्भवती होने की पुष्टि होने के बाद इन दोनों के विरुद्ध 04 नवंबर 2021 को न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया गया।

बच्चे के जन्म के बाद डीएनए जांच में पुष्टि

इस मामले में दोनों के विरुद्ध न्यायालय में 10 नवंबर 2021 को संज्ञान लेकर 31 जनवरी 2023 को आरोप गठित किया गया। इसी बीच पीड़िता ने एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चे का आनुवंशिक परीक्षण कराया गया, जिसमें गुड्डू सहनी को उसके जैविक पिता होने की पुष्टि की गई। मामले में विशेष लोक अभियोजक के पीड़िता की नई दिल्ली के गुरु तेग बहादुर नगर सर्वोदय कन्या विद्यालय के प्राचार्य संगीता बत्रा सहित 11 साक्षियों एवं 18 प्रदर्श के कराए गए परीक्षण-प्रतिपरीक्षण के बाद दोनों को 27 जनवरी को दोषी करार दिया गया था।

कोर्ट ने सुनाई सजा

इस मामले में सजा की बिंदू पर 30 जनवरी को सुनवाई के बाद लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 6 में दोनों आरोपितों को 20-20 वर्ष का सश्रम कारावास और 50-50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।

अर्थदंड की राशि पीड़िता को भुगतान करने का आदेश दिया गया है। जस्ट राइट्स फार चिल्ड्रन के सहयोग से स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान ने पीड़िता की काउंसलिंग और कानूनी सहायता प्रदान की जा रही थी। डायरेक्टर सह सचिव सुधीर कुमार शुक्ला ने विशेष न्यायाधीश एवं विशेष लोक अभियोजक के प्रति त्वरित न्याय देने के लिए आभार व्यक्त किया है।

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