नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में होर्मुज स्ट्रेट से शुरू हुआ तनाव अब बाब अल मंदेब की तरफ बढ़ गया है। ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को सऊदी अरब से भारत और चीन जा रहे दो तेल टैंकरों समेत कुल पांच जहाजों को चेतावनी देकर वापस मुड़ने को विवश कर दिया।
इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप भड़क गए और उन्होंने हूती पर भी हमले करने की चेतावनी दे डाली। उन्होंने कहा कि अगर लाल सागर में नाकेबंदी की गई, तो अमेरिका कार्रवाई करेगा। उधर, अमेरिका और ईरान के बीच लगातार 10वें दिन भीषण घमासान जारी रहा।
अमेरिका ने ईरान के नौ शहरों पर हवाई हमले किए, तो जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जार्डन में कुल 11 अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाते हुए मिसाइलों और ड्रोन हमलों की बौछार कर दी।
सेंटकाम के अनुसार, ईरान की तरफ से होर्मुज में ओमान के क्षेत्र में एक तेल टैंकर पर हमले के साथ इसकी शुरुआत हुई। ईरान ने कुवैत पर बेरहमी दिखाते हुए लगातार चौथे दिन बिजलीघरों और जल शोधन संयंत्रों (डीसैलिनेशन प्लांट) पर हमले किए।
कुवैत की 90 प्रतिशत आबादी पीने के पानी के लिए ऐसे संयंत्रों पर निर्भर है। तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल पार कर गई। एपी के अनुसार, लगातार 10 दिनों से अमेरिकी हमला झेलने के बावजूद कहीं से ये संकेत नहीं मिल रहे कि होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की पकड़ ढीली हुई हो।







