नई दिल्ली। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा। पार्टी ने गृह मंत्री से संसद में बयान और चर्चा की मांग दोहराते हुए पीएम मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कई सांसदों और नेताओं को हिरासत में लिया। कांग्रेस का आरोप है कि छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार जवाबदेह है।

PM आवास के बाहर आज कांग्रेस ने धरना प्रदर्शन किया। पेपर लीक और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी धरने पर डटे रहे। विरोध प्रदर्शन के दौरान हाई वोल्टेज ड्रामा भी देखने को मिला। जब दिल्ली पुलिस के जवान राहुल गांधी को हिरासत में लेने के लिए आए तो वह अचानक सड़क पर लेट गए।
दिल्ली पुलिस के अफसर ने राहुल गांधी से कहा कि वो जंतर-मंतर चले जाएं लेकिन राहुल गांधी ने इनकार कर दिया। राहुल ने कहा कि सरकार जंतर-मंतर से नहीं सुन रही, इसलिए यहां सरकार को सुनाने आए हैं।
पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें सड़क से उठाया और वहां मौजूद अन्य विपक्षी नेताओं के साथ जबरन गाड़ी में बिठाकर हिरासत में ले लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई।
दिल्ली पुलिस राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत तमाम नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम में ले गई। हिरासत में लिए गए सारे नेताओं को फिलहाल छत्रसाल स्टेडियम में रखा गया है।

प्रधानमंत्री आवास के आसपास का इलाका पूरी तरह खाली करा लिया गया है। लेकिन जगह-जगह कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का प्रोटेस्ट जारी है। पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे राहुल गांधी ने अपने हाथ प्लास्टिक की डोरियों से बांध रखे थे। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से खुद को हथकड़ी पहना रखी थी। विरोध प्रदर्शन के दौरान आज राहुल गांधी का बिल्कुल निडर अंदाज देखने को मिला। उन्होंने पीएम आवास के सामने खुलकर आवाज उठाई।







