समझाईश के बाद वापस लौटी बारात
कोरबा। कोरबा शहर के चिमनीभठा वार्ड क्रमांक-14 में नाबालिग जोड़े की शादी की सूचना पर महिला एवं बाल विकास विभाग और मानिकपुर चौकी पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर बाल विवाह रुकवा दिया। शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, मंडप सज चुका था और बारात भी गाजे-बाजे के साथ पहुंच गई थी।
जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक-14 की एक ही बस्ती में रहने वाली 13 वर्षीय नाबालिग लड़की और 15 वर्षीय लड़के की शादी तय की गई थी। दोनों एक-दूसरे को पसंद करते थे और शादी की जिद कर रहे थे। इसी कारण दोनों परिवारों ने सामाजिक रीति-रिवाज के अनुसार विवाह कराने का फैसला लिया था।
सूचना मिलते ही पहुंची टीम
शादी की सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम और मानिकपुर चौकी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। टीम को देखकर कार्यक्रम स्थल पर हड़कंप मच गया। शादी में शामिल मेहमान और परिजन भी घबरा गए।
कानून और दुष्परिणामों की दी जानकारी
महिला एवं बाल विकास अधिकारी बसंत मिंज के नेतृत्व में टीम ने दोनों परिवारों को बाल विवाह निषेध कानून और इसके दुष्परिणामों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह कराना कानूनन अपराध है।
समझाइश के बाद लौटी बारात
अधिकारियों की समझाइश के बाद दोनों परिवार बाल विवाह रोकने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद नाबालिग दुल्हन को उसके घर और दूल्हे को उसके घर वापस भेज दिया गया। बारात भी बिना शादी के लौट गई।
अधिकारी ने कहा
महिला एवं बाल विकास अधिकारी बसंत मिंज ने बताया कि बाल विवाह की सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और विवाह रुकवाया गया। दोनों पक्षों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह सामाजिक और कानूनी अपराध है, इसे किसी भी स्थिति में होने नहीं दिया जाएगा।







