नई दिल्ली। यूक्रेन के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले में 4 भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल है। इस घटना के बाद भारत ने रूस के प्रभारी राजदूत यानी कि चार्ज डी’अफेयर्स को तलब कर इस हमले पर कड़ा विरोध जताया है। सूत्रों के मुताबिक विदेश मंत्रालय ने रूसी राजनयिक से साफ कहा कि जिस तरह एक व्यापारी जहाज पर हमला हुआ और उसमें भारतीय नागरिकों की जान गई, वह पूरी तरह अस्वीकार्य है।
रूसी क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया’ : यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने कहा कि रविवार को यूक्रेन के समुद्री गलियारे से गुजर रहे एक नागरिक मालवाहक जहाज पर रूस ने हमला किया। जहाज के चालक दल में सीरिया और भारत के नागरिक शामिल थे। यह रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान पहली घटना है, जिसमें भारतीय नाविकों की मौत हुई है। यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार, गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले मालवाहक जहाज ‘एमवी गोल्डन लियो’ पर रूसी क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जहाज पर कुल 17 क्रू के सदस्य सवार थे, जिनमें 5 भारतीय नागरिक शामिल थे। इनमें से 4 भारतीयों की मौत हो गई, जबकि एक भारतीय गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में भर्ती है।
एक भारतीय गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती’ : विदेश मंत्रालय ने सोमवार देर रात जारी बयान में कहा, ’19 जुलाई की शाम एमवी गोल्डन लियो ओडेसा बंदरगाह से रवाना हो रहा था। उसी दौरान जहाज पर हमला हुआ। उस समय जहाज पर क्रू के 17 सदस्य थे, जिनमें 5 भारतीय नागरिक शामिल थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 4 भारतीय नागरिकों की दुखद मौत हो गई है, जबकि एक भारतीय गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।’ विदेश मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन में भारतीय दूतावास पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहा है।







