Home » फॉर्च्यूनर कार के नाम पर 20 लाख की धोखाधड़ी के आरोप में एक गिरफ्तार
कोरबा छत्तीसगढ़

फॉर्च्यूनर कार के नाम पर 20 लाख की धोखाधड़ी के आरोप में एक गिरफ्तार

कोरबा। वाहन खरीदी-बिक्री के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले कथित फरार आरोपियों के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के कड़े निर्देशन में थाना चांपा पुलिस ने सायबर सेल की मदद से 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी के कथित आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था।

बताया जा रहा हैं की कोरबा अंचल के सर्वमंगला नगर निवासी प्रार्थी चंद्रप्रकाश जायसवाल ने 27 मई को थाना चांपा में मामला दर्ज कराया था। शिकायत के अनुसार, 21 अक्टूबर 2024 को उनका सौदा ग्राम करनौद (थाना बिर्रा) निवासी कथित आरोपी के साथ हुआ था। सौदा फॉर्च्यूनर वाहन को गिरवी रखने या बिक्री करने के एवज में 20 लाख रुपये में तय हुआ था। आरोप हैं की रकम लेने के बाद कथित आरोपी ने उक्त फॉर्च्यूनर कार को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। जब कोरबा निवासी प्रार्थी चंद्रप्रकाश को इस बात की भनक लगी और उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी, तो उसने उन्हें एक फर्जी चेक थमा दिया। बैंक में चेक बाउंस होने के बाद प्रार्थी को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने पुलिस की शरण ली।

प्रार्थी की रिपोर्ट पर चांपा पुलिस ने अपराध क्रमांक 267/26, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। कथित आरोपी बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। अंततः चांपा पुलिस ने सायबर टीम की मदद से उसका मोबाइल लोकेशन ट्रेस किया और उसे उसके निवास स्थान से घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया।

कड़ी पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उसके पास से घटना में प्रयुक्त चेकबुक और मोबाइल फोन जप्त कर लिया है। उसको विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

इस कार्यवाही में चांपा थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक वैष्णव, सउनि भुवनेश्वर राठौर, प्रधान आरक्षक सुनील सिंह, आरक्षक श्याम राठौर, प्रकाश द्विवेदी एवं थाना बिर्रा स्टाफ का विशेष योगदान रहा।

Search

Archives