नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के साकेत के निकट सैदुल्लाजाब इलाके में शनिवार देर शाम अवैध छह मंजिला इमारत ढह जाने से बड़ा हादसा हो गया। मलबे में दबकर एक युवक की मौत हो गई है। घायलों की पहचान गुरुग्राम के तरुण कुमार (26), बिहार के मोतिहारी की साइका खान (27), सैदुलाजाब की नीलम यादव (25), साकेत के आदित्य शर्मा (24), नोएडा के क्षितिज प्रताप (25), साकेत के अनुज दीक्षित (25), सैदुलाजाब की आस्था (25) और साकेत के विशाल (24) के रूप में हुई है। राहत और बचाव कार्य जारी है।
दक्षिण दिल्ली के सैदुल्लाजाब में हुए दर्दनाक भवन हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर नगर निगम और संबंधित एजेंसियों की निगरानी व्यवस्था कहां थी। हादसा जिस इमारत में हुआ, वह चार साल पहले केवल चार मंजिला थी, लेकिन इस दौरान कथित रूप से अवैध निर्माण कर उसे छह मंजिल तक पहुंचा दिया गया। सातवीं मंजिल पर लिंटर डालने की तैयारी चल रही थी और करीब 25 से 30 मजदूर काम में जुटे थे, तभी पूरी संरचना भरभराकर गिर गई।
… तो निगरानी तंत्र क्या कर रहा था : सवाल है कि यदि चार मंजिला भवन को कुछ वर्षों में बढ़ाकर छह मंजिल और फिर सातवीं मंजिल तक ले जाया गया, तो क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर, भवन विभाग और निगरानी तंत्र क्या कर रहे थे। निर्माण सामग्री, मजदूरों की आवाजाही और लगातार चल रहे काम के बावजूद कोई रोक-टोक क्यों नहीं हुई। यदि समय रहते निरीक्षण और कार्रवाई की जाती, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। विशेषज्ञ लंबे समय से चेतावनी देते रहे हैं कि बिना स्वीकृत नक्शे और संरचनात्मक जांच के अतिरिक्त मंजिलें जोड़ना जानलेवा साबित हो सकता है।
अग्निशमन विभाग के अनुसार शाम 7.45 बजे इमारत ढहने की सूचना मिली थी। शुरुआती चरण में दमकल की चार गाड़ियां मौके पर भेजी गईं, लेकिन हादसे की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त दमकल वाहन और कर्मियों को भी तैनात किया गया। मौके पर एनडीआरएफ, दिल्ली पुलिस, दिल्ली नगर निगम तथा खोजी कुत्तों की टीमों को भी लगाया गया। अधिकारियों के अनुसार स्थानीय लोगों ने राहत दलों के पहुंचने से पहले तीन लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। भीड़ को नियंत्रित करने और बचाव कार्य में बाधा न आए इसके लिए पूरे इलाके को घेर लिया गया। सभी एजेंसियां समन्वय के साथ राहत एवं बचाव अभियान में जुटी रहीं।
ग्रीन कॉरिडोर बनाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है : अनंत मित्तल, पुलिस उपायुक्त, दक्षिण जिला ने कहा कि पोर्टा केबिन संरचना पर कैंटीन संचालित की जा रही थी, जिस पर मलबा गिरा है। उसके नीचे कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है। अब तक किसी की मृत्यु की सूचना नहीं है। घायलों को एंबुलेंस के जरिए तेजी से अस्पताल पहुंचाने के लिए सैदुल्लाजाब से एम्स तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है।







