गाजियाबाद/मेरठ। गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी में 11वीं के छात्र सूर्या की हत्या का मुख्य आरोपी मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया है। गाजियाबाद पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी असद को पकड़ लिया था लेकिन मुठभेड़ के दौरान लगी गोली के कारण अस्पताल में इलाज के दौरान असद की मौत हो गई है।
सूर्या हत्याकांड मामले पर डीसीपी धवल जायसवाल का कहना है कि 28 मई को एक दुर्घटना हुई, जिसमें सूर्या चौहान को असद नाम के एक व्यक्ति ने चाकू मार दिया, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर एक पुलिस स्टेशन ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। खोड़ा में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस घटना का मुख्य आरोपी असद फरार था और पुलिस टीम ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में जुटी थी, इसी बीच जानकारी मिली कि असद खोड़ा पुलिस स्टेशन क्षेत्र में अपने कुछ दोस्तों से मिलने जा रहा है और उनसे कुछ पैसे लेकर भागने की योजना बना रहा है। इस सूचना के आधार पर पूरी टीम ने इलाके की तलाशी ली और चेकपॉइंट स्थापित किए। इसी क्रम में असद और उसका एक दोस्त बाइक पर वहां पहुंचते नजर आए।
जायसवाल के मुताबिक पुलिस टीम ने उन्हें रोकने और चेतावनी देने की कोशिश की, लेकिन रुकने के बजाय उन्होंने पुलिस टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिसमें असद को गोली लग गई। असद को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। गोलीबारी के दौरान एक कांस्टेबल भी घायल हो गया और उसे भी अस्पताल ले जाया गया है। असद की बाइक और गोली चलाने में इस्तेमाल की गई पिस्तौल बरामद कर ली गई है। पुलिस पूरी घटना की गहन जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
सूर्या की मां सरोज ने कहा कि मैंने सिर्फ एक व्यक्ति का एनकाउंटर देखा है… लेकिन मैं असद की तस्वीर देखना चाहती हूं। तस्वीर देखने के बाद ही मुझे तसल्ली मिलेगी। बाकी लोगों का भी ऐसा ही एनकाउंटर होना चाहिए। सात लोगों ने मेरे बेटे के साथ ऐसा किया… बुलडोजर सबके घरों पर चला दिए जाएं।
यह भी बात सामने आई है कि जिस दिन सूर्या की दिन-दहाड़े चाकू घोंपकर हत्या की गई उस दिन ही मुख्यारोपी से सुबह के समय उसका झगड़ा हुआ था। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार सूर्या व मुख्यारोपी पहले से परिचित थे। दोनों अक्सर मिलते भी थे। बकरीद पर कुर्बानी दिलाने के लिए आरोपी ने सूर्या को बुलाया था। पहले तो सूर्या ने आरोपी से मना किया था। इसके बाद ईद की पार्टी और मुबारकबाद देने की बात कही। कुछ देर की बातचीत के बाद सूर्या आरोपी की बुलाई जगह पहुंचा। इसके बाद यहां आरोपी किशोर ने वारदात को अंजाम दिया।







