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विभुवन संकष्टी चतुर्थी कल : गणपति जी को जरूर अर्पित करें उनकी प्रिय चीजें, घर में बनी रहेगी सुख-समृद्धि

हिंदू धर्म में संकष्टी चतुर्थी व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित है। हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को यह व्रत रखा जाता है। संकष्टी चतुर्थी का व्रत करने से गौरी पुत्र गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

3 जून को विभुवन संकष्टी चतुर्थी का व्रत किया जाएगा, जो कि 3 साल में एक बार आता है। आपको बता दें कि विभुवन संकष्टी चतुर्थी का व्रत अधिकमास में ही रखा जाता है। अधिक मास होने के कारण इस दिन किए गए जप, तप, पूजन और व्रत आदि का सामान्य संकष्टी के व्रत की तुलना में अनेक गुणा फल प्राप्त होता है। तो ऐसे में इस दिन गणपति जी को उनकी प्रिय चीजें जरूर अर्पित करें। तो आइए जानते हैं कि विभुवन संकष्टी के दिन बप्पा को क्या-क्या अर्पित करें।

भगवान गणेश को प्रिय हैं ये चीजें

  1. लाल रंग के फूल- विभुवन संकष्टी चतुर्थी के दिन पूजा के समय गणपति जी को लाल गुड़हल का फूल या पीले-नारंगी गेंदे के फूल अर्पित करें। खासतौर से लाल रंग के फूलों की माला जरूर चढ़ाएं। लाल रंग गणेश जी को प्रिय है।
  2. दुर्वा घास- गणेश जी की पूजा दूर्वा के बिना अधूरी मानी जाती है। विभुवन संकष्टी के दिन बप्पा को 21 दूर्वा की गांठें बनाकर ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करते हुए अर्पित करें। इससे भगवान गणेश अत्यंत प्रसन्न होते हैं और बुद्धि-ज्ञान का आशीर्वाद देते हैं।
  3. लाल सिंदूर- संकष्टी के गणेश जी को लाल सिंदूर अर्पित करें। कहते हैं कि गणपति जी को सिंदूर का तिलक लगाना और उन्हें सिंदूर अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। सिंदूर चढ़ाने से जातक का मान-सम्मान बढ़ता है और नौकरी-बिजनेस में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
  4. मोदक या बूंदी के लड्डू- गौरीपुत्र गणेश को मोदक और लड्डू अत्यंत प्रिय हैं। विभुवन संकष्टी चतुर्थी के दिन बप्पा को मोदक और बूंदी के लड्डू का भोग अवश्य लगाएं। ऐसा करने से आपका घर सदैव धन-धान्य से भरा रहेगा।

संकष्टी चतुर्थी के दिन जरूर करें ये काम 

संकष्टी चतुर्थी का व्रत रात को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही पूरा होता है। इसलिए चंद्रोदय के समय कच्चे दूध और गंगाजल में सिंदूर मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें। इसके अलावा इस दिन जरूरतमंदों को फल, तांबे के बर्तन या पीले अनाज का दान करें। ऐसा करने से व्यक्ति को कई गुना अधिक पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।

 

डिस्क्लेमरउक्त लेख धार्मिक आस्था लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए  Today Studio उत्तरदायी नहीं है।

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