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कल रखा जाएगा मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

मंगलवार यानी 21 जुलाई को मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखा जाएगा।  कल आषाढ़ शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि और मंगलवार का दिन है। अष्टमी तिथि मंगलवार को पूरा दिन पार करके बुधवार सुबह 5 बजकर 17 मिनट तक रहेगी। 21 जुलाई को शाम 6 बजकर 26 मिनट तक सिद्ध योग रहेगा। साथ ही मंगलवार को रात 8 बजकर 49 मिनट तक चित्रा नक्षत्र रहेगा।

बता दें कि अभी आषाढ़ गुप्त नवरात्रि भी चल रही है। ऐसे में मासिक दुर्गाष्टमी के दिन देवी भगवती की उपासना करना अत्यंत ही शुभ और फलदायी होगा। तो आइए  जानते मंगलवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

21 जुलाई 2026 का शुभ समय

  • ब्रह्म मुहूर्त 04:44 ए एम से 05:28 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 12:19 पी एम से 01:11 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 02:56 पी एम से 03:48 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 07:17 पी एम से 07:39 पी एम
  • अमृत काल-  01:58 पी एम से 03:41 पी एम

21 जुलाई 2026 का अशुभ समय

  • राहुकाल- 04:02 पी एम से 05:40 पी एम
  • यमगण्ड- 09:28 ए एम से 11:06 ए एम
  • आडल योग- 06:11 ए एम से 08:49 पी एम
  • दुर्मुहूर्त- 08:49 ए एम से 09:41 ए एम
  • गुलिक काल- 12:45 पी एम से 02:23 पी एम
  • भद्रा- 06:11 ए एम से 04:34 पी एम

राहुकाल का समय

  • दिल्ली- दोपहर बाद 03:53 से शाम 05:36 तक
  • मुंबई- शाम 04:01 से शाम 05:40 तक
  • चंडीगढ़- दोपहर बाद 03:57 से शाम 05:41 तक
  • लखनऊ- दोपहर बाद 03:36 से शाम 05:18 तक
  • भोपाल- दोपहर बाद 03:47 से शाम 05:27 तक
  • कोलकाता- दोपहर बाद 03:03 से शाम 04:42 तक
  • अहमदाबाद- शाम 04:06 से शाम 05:46 तक
  • चेन्नई- दोपहर बाद 03:27 से शाम 05:03 तक

सूर्योदय-सूर्यास्त का समय 

  • सूर्योदय- सुबह 5: 36 बजे
  • सूर्यास्त- शाम 7: 18 बजे

दुर्गाष्टमी व्रत का महत्व :  प्रत्येक महीने की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को दुर्गाष्टमी का व्रत किया जाता है।  इस दिन मां दुर्गा की उपासना की जाती है। मासिक दुर्गाष्टमी व्रत के दिन माता रानी की उपासना करने से सभी  मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। साथ ही हर समस्या का समाधान भी निकल जाता है। मासिक दुर्गाष्टमी के दिन व्रत रखने, दान करने और माता की उपासना करने से व्यक्ति को नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है और शत्रुओं पर विजय की प्राप्ति होती है।

 

डिस्क्लेमरउक्त लेख धार्मिक आस्था लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए  Today Studio उत्तरदायी नहीं है।

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