भारत आने वाले रूसी टूरिस्ट अब यहां घूमते समय आसानी से कैशलेस पेमेंट कर पाएंगे। रूस के सबसे बड़े बैंक स्बेरबैंक ने भारत की डिजिटल पेमेंट कंपनी चेक के साथ पार्टनरशिप की है। बैंक की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस सुविधा से रूस और भारत के बीच आर्थिक और टूरिज़्म के रिश्ते और मजबूत होंगे।
ऐप के जरिए आसान प्रक्रिया
चेक ऐप आईओएस और एनरॉयड दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। रूस से आने वाले टूरिस्ट को इस ऐप पर रजिस्ट्रेशन के लिए पासपोर्ट और वैध भारतीय वीज़ा देना होगा। वॉलेट एक्टिवेट करने के लिए उन्हें भारत में चेक के किसी एजेंट से मिलना होगा, जिसके लिए अपॉइंटमेंट ऐप के जरिए ली जा सकती है। एक्टिवेशन के बाद टूरिस्ट अपने वॉलेट को सीध स्बेंरबैंक से टॉप-अप कर सकेंगे और क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान कर पाएंगे।
वीजा और मास्टरकार्ड की दिक्कत से राहत
यूक्रेन युद्ध के बाद रूस पर लगे बैन की वजह से रूसी लोग विदेशों में वीजा और मास्टरकार्ड का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे में उनके लिए कैश लेकर घूमना मुश्किल हो रहा था। अब इस नए विकल्प से उन्हें राहत मिलेगी।
स्बेरबैंक के डिप्टी चेयरमैन एनातोली पोपोव ने कहा, रूस और भारत के बीच आर्थिक, टूरिज़्म और माइग्रेशन से जुड़े रिश्ते तेजी से बढ़ रहे हैं. इसी कारण कैशलेस ट्रांजेक्शन हमारी प्राथमिकता है. भारतीय वर्कर्स पहले से रूस से अपने परिवार को पैसे भेज सकते हैं और भारतीय छात्र रूस की यूनिवर्सिटीज में फीस भर सकते हैं। अब रूसी टूरिस्ट भी भारत में कैशलेस पेमेंट कर पाएंगे. हमने क्यूआर कोड पेमेंट को चुना है, जो भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है।
यूपीआई ऑनलाइन वर्ल्ड से जुड़े विदेशी टूरिस्ट
बेंगलुरु की कंपनी चेक एनपीसीआई के यूपीआई ऑन वर्ल्ड प्रोग्राम का हिस्सा है। इस प्रोग्राम के जरिए विदेशी टूरिस्ट, जिनका भारतीय बैंक अकाउंट नहीं है, भी भारत में यूपीआई पेमेंट कर सकते हैं। उन्हें सिर्फ पासपोर्ट और वीज़ा दिखाकर केवाईसी पूरी करनी होती है।
पाइन लैब्स, ट्रांसकॉर्प, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और ट्रायो जैसी अन्य कंपनियां भी यह सुविधा देती हैं, लेकिन चेक और स्बेरबैंक की साझेदारी से अब रूसी टूरिस्ट सीधे अपने स्बेरबैंक अकाउंट से चेक वॉलेट में पैसा डालकर क्यूआर कोड के जरिए पेमेंट कर सकेंगे।
भारत-रूस संबंधों को मिलेगी नई दिशा
यह सुविधा न सिर्फ टूरिस्ट्स के लिए सुविधाजनक होगी बल्कि भारत और रूस के बीच बढ़ते आर्थिक और तकनीकी रिश्तों को भी मजबूती देगी. इससे कैशलेस ट्रांजेक्शन का इस्तेमाल और ज्यादा बढ़ेगा तथा रूसी पर्यटकों का भारत दौरा और आसान हो जाएगा।







