कोरबा । रिसदी रोड में 17 करोड़ की लागत से बने रानी अहिल्याबाई कन्वेंशन हॉल का सीलिंग बीते दिनों ढह गया था। सीलिंग ढहने के मामले में हाउसिंग बोर्ड के दो इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले में चूक कहां हुई, निर्माण के गुणवत्ता में कहां लापरवाही बरती गई, इसके लिए जांच के आदेश भी दिए गए हैं। सस्पेंड कर दोनों इंजीनियर को आयुक्त छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल रायपुर में जगदलपुर में अटैच कर दिया है।
जून में उद्घाटन और जुलाई में गिरा सीलिंग- ठीक 1 महीने पहले विगत 12 जून को राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना में शामिल कन्वेंशन हॉल का उद्घाटन स्वयं सीएम विष्णु देव साय ने किया था। अब एक महीने के भीतर ही जुलाई में इस कन्वेंशन हॉल की सीलिंग भरभराकर गिर गई है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। कन्वेंशन हॉल का नामकरण रानी अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर सीएम ने ही किया था।
इस जांच प्रतिवेदन में कहा गया है कि भवन का निर्माण 23 अप्रैल 2024 को पूर्ण किया गया है और 8 जुलाई 2025 को अल्प समय में फॉल सीलिंग का गिरना गंभीर तकनीकी खामी और गुणवत्ता में कमी को प्रमाणित करता है। इतने महत्वपूर्ण भवन की एक बड़े भाग की फॉल्स सीलिंग के गिरने से मंडल के छवि धूमिल हुई है, जिसमें प्रथम दृष्टया जांच के आधार पर अन्य दोनों इंजीनियर को निलंबित किया जाता है। रायपुर स्थित गृह निर्माण मंडल के मुख्यालय स्तर से ही जांच टीम का गठन कर इस मामले में आगे की जांच को पूरा किया जाएगा। वर्तमान में की गई कार्रवाई प्रथम दृष्टया तौर पर लापरवाही की वजह से की गई है।







