कोरबा। वन परिक्षेत्र तुमान में वन औषधालय भवन का निर्माण वर्षो पहले लाखों रूपए की लागत से किया गया था। वन औषधालय जर्जर अवस्था में पहुंच गया है। आलम यह है कि इस क्षेत्र के ग्रामीणों को औषधियों का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बताया जा रहा है कि पूर्व में औषधालय भवन निर्माण के साथ ही स्टॉफ की नियुक्ति की गई थी, लेकिन देखरेख के अभाव में भवन जर्जर हो गया है। वन औषधालय के चारों ओर झाड़ियां उग आई है। औषधालय भवन खंडहर में तब्दील होने लगा है। ग्रामीणों की मांग के बाद भी विभाग का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। गौर करने वाली बात है कि कई बड़ी और गंभीर बीमारियों का इलाज औषधियों से ही संभव है। बावजूद इसके वन औषधालय के प्रति उदासीनता समझ से परे है।







