Kedarnath Dham : बुधवार को सुबह 8 बजे केदारनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे। इससे पहले मंदिर की सजावट का काम जोर-शोर से चल रहा है। इसके लिए 51 क्विंटल गेंदे के फूलों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
देश के 12 ज्योतिर्लिंगों और चारधाम में से एक केदारनाथ धाम के कपाट खुलने में अब मात्र एक दिन शेष रह गया है। जैसे-जैसे कपाट खुलने की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे केदारनगरी में श्रद्धालुओं की आवाजाही और प्रशासनिक गतिविधियां तेज होती जा रही हैं। इसी कड़ी में केदारनाथ मंदिर को करीब 51 क्विंटल फूलों से सजाया जा रहा है, जिसकी छटा देखते ही बन रही है।
हिमालय की गोद में बसे केदारनाथ धाम परिसर से लेकर आसपास के क्षेत्रों में उत्साह, आस्था और तैयारियों का माहौल साफ नजर आ रहा है। मंदिर को भव्य और आकर्षक स्वरूप देने के लिए मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। करीब 51 क्विंटल ताजे गेंदे के फूलों से मंदिर परिसर को सजाया जा रहा है, जिससे पूरी केदारपुरी भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठी है।

कल खोले जाएंगे मंदिर के कपाट: बाबा केदार की पवित्र डोली द्वितीय रात्रि प्रवास के लिए गौरीकुंड पहुंच चुकी है। इसके बाद आज यानी 21 अप्रैल को डोली केदारनाथ धाम पहुंचेगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बुधवार यानी 22 अप्रैल की सुबह 8 बजे विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।
रील बनाने पर रहेगी सख्ती : हालांकि मंदिर के कपाट खुलने से पहले मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्ती ने बताया कि अब कोई भी श्रद्धालु मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन लेकर नहीं जा सकेगा। इसके साथ ही फोटो खींचना, वीडियो बनाना और सोशल मीडिया के लिए रील बनाने पर सख्त मनाही है। ऐसा करने वालों को दंडित किया जाएगा।
6 महीने बंद रहते हैं मंदिर के कपाट : करीब 6 महीने तक बंद रहने के बाद 22 अप्रैल को वृष लग्न में सुबह आठ बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। कपाट खोलने का मुहूर्त शिवरात्री के अवसर पर निकाला गया था। उसी वक्त बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने का भी मुहूर्त निकला था। बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट 19 अप्रैल को खुल चुके हैं।







