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मध्यप्रदेश

नसबंदी ऑपरेशन में जानलेवा लापरवाही… महिला के पेट में छोड़ा औजार, चिता की राख में मिला

सीहोर। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के भैरुंदा क्षेत्र से स्वास्थ्य तंत्र को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। नसबंदी ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत हो गई और अंतिम संस्कार के बाद चिता की राख से सर्जिकल उपकरण मिलने का दावा किया गया है। स्वजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने उपकरण पेट में छोड़ दिया था, जिससे संक्रमण फैलने पर महिला की जान चली गई। घटना के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।

ऑपरेशन के बाद बिगड़ी तबीयत

भैरुंदा क्षेत्र के ग्राम सिंहपुर निवासी नवल सिंह बारेला के अनुसार, 12 जनवरी की सुबह उनकी पत्नी शिवानी को नसबंदी ऑपरेशन के लिए सिविल अस्पताल भैरुंदा में भर्ती कराया गया था। दोपहर करीब तीन बजे डॉ. रुकमणी गुलहारिया ने ऑपरेशन किया। स्वजनों का आरोप है कि उसी रात करीब 10 बजे अस्पताल प्रबंधन ने यह कहते हुए शिवानी को घर भेज दिया कि अन्य मरीज भी जा चुके हैं।

घर पहुंचते ही हालत गंभीर

परिजनों के मुताबिक, घर पहुंचते ही शिवानी को तेज रक्तस्राव होने लगा। 13 जनवरी को उसे फिर सिविल अस्पताल भैरुंदा ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर बताकर जिला अस्पताल सीहोर रेफर कर दिया गया। वहां भी सुधार नहीं होने पर 14 जनवरी को उसे भोपाल के एक निजी अस्पताल ले जाया गया।

भोपाल में सामने आई गंभीर लापरवाही

भोपाल में इलाज के दौरान शिवानी को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि नसबंदी ऑपरेशन के दौरान महिला की आंत कट गई थी, जिससे संक्रमण फैल गया और शरीर में जहर फैलने की स्थिति बन गई। तमाम प्रयासों के बावजूद शिवानी की मौत हो गई।

अस्पताल में हंगामा, कार्रवाई की मांग

महिला की मौत से आक्रोशित स्वजन शव को लेकर सिविल अस्पताल भैरुंदा पहुंचे और जमकर हंगामा किया। उन्होंने ऑपरेशन करने वाली डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति शांत हुई और अगले दिन अंतिम संस्कार किया गया।

चिता की राख से मिलने का दावा

अंत्येष्टि के बाद अस्थि संचय के दौरान स्वजनों ने चिता की राख से कैंची जैसी चिमटी (फोरसेप्स) मिलने का दावा किया। पति नवल सिंह का कहना है कि यही उपकरण ऑपरेशन के दौरान पेट में छूट गया था, जिससे पत्नी की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।

जांच के आदेश, डॉक्टर का तबादला

मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने संबंधित डॉक्टर का स्थानांतरण कर दिया है। सिविल अस्पताल भैरुंदा के प्रभारी बीएमओ डॉ. प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि नसबंदी ऑपरेशन दूरबीन पद्धति से किया गया था, जिसमें सामान्यतः इस प्रकार के उपकरण का उपयोग नहीं होता। पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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