तीज पर हुआ मोबाईल कैमरे में कैद
कोरबा। सोमवार की शाम करीब 6 बजे कोरबा का आसमान अचानक किसी खूबसूरत खगोलीय चित्र की तरह नजर आने लगा। पश्चिमी आकाश में सूरज ढलने के बाद पतले अर्द्धचंद्र के बेहद करीब तेज चमकता शुक्र ग्रह दिखाई दिया। चांद और शुक्र की इस अद्भुत नजदीकी ने आसमान को ऐसा रूप दे दिया, जिसे देखकर लोग कुछ देर के लिए ठिठक गए।
पतले चांद के एक ओर अंधेरा हिस्सा और उसके पास चमकता शुक्र ग्रह, यह दृश्य बेहद आकर्षक नजर आ रहा था। साफ आसमान के बीच दोनों की यह खगोलीय जुगलबंदी काफी देर तक लोगों के कौतूहल का विषय बनी रही। कई लोगों ने मोबाइल कैमरे निकालकर इस खूबसूरत नजारे को अपने कैमरों में कैद किया।
चांद के अंधेरे हिस्से में भी दिखी हल्की चमक
इस दौरान चंद्रमा के प्रकाशित हिस्से के साथ उसके अंधेरे हिस्से पर भी हल्की रोशनी दिखाई दे सकती थी। इसे खगोल विज्ञान में अर्थशाइन कहा जाता है। दरअसल पृथ्वी से परावर्तित सूर्य का प्रकाश चंद्रमा के उस हिस्से को हल्का प्रकाशित करता है, जिस पर सीधे सूर्य का प्रकाश नहीं पड़ रहा होता।
करोड़ों किलोमीटर दूर शुक्र, फिर भी चांद के पास क्यों दिखा?
आसमान में चांद और शुक्र ग्रह भले ही एक-दूसरे के बेहद करीब दिखाई दे रहे थे, लेकिन वास्तविकता में दोनों के बीच की दूरी बहुत विशाल है। चंद्रमा पृथ्वी से लगभग 3.8 लाख किलोमीटर दूर है, जबकि शुक्र ग्रह उसस े करोड़ों किलोमीटर दूर स्थित है।
दोनों का एक ही दिशा में हमारी दृष्टि-रेखा के करीब आ जाना इस खूबसूरत नजारे की वजह बना। खगोल विज्ञान में ऐसी स्थिति को चंद्र-शुक्र युति या मून विनस कंन्जक्शन कहा जाता है।
कुछ जगहों पर शुक्र को ढकता दिख सकता है चांद
इस खगोलीय घटनाक्रम के दौरान कुछ क्षेत्रों में चंद्रमा द्वारा शुक्र को कुछ समय के लिए ढकने की घटना भी दिखाई दे सकती है। इसे ऑकल्टेशन यानी चंद्र-अवच्छादन कहा जाता है। हालांकि इसका दृश्य हर स्थान से एक जैसा नहीं होता।
कोरबा में सोमवार शाम करीब 6 बजे से पश्चिमी आसमान की ओर नजर रखने वालों के लिए यह नजारा खास आकर्षण का केंद्र बना रहा। प्रकृति और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए शाम का यह दृश्य किसी खूबसूरत आसमानी उपहार से कम नहीं था।
चांद की खूबसूरती और शुक्र की चमक ने सोमवार की शाम को कोरबा के आसमान में ऐसा नजारा रचा, जिसे देखने वालों के लिए कुछ पल के लिए जमीन से ज्यादा आसमान खूबसूरत लगने लगा।







