कोरबा/दीपका। जिले के कोयलांचल गेवरा दीपका साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के कर्मचारियों सहित आम लोगों को रसोई गैस की आपूर्ति ठीक ढंग से नहीं हो रही है। हालात ऐसे हैं कि डेढ़ से 2 महीने पहले बुकिंग करने के बाद भी लोग सिलेंडर से वंचित है। इस चक्कर में लोगों को फिर से चूल्हे और सिगड़ी के दौर में प्रवेश करना पड़ रहा है। मामले को लेकर गैस एजेंसी में जमकर किचकिच हुई।
गैस सिलेंडर के मामले में एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति बन गई है। कोयलांचल में गैस सिलेंडर लेने के लिए काफी समय पहले बुकिंग करने वालों की संख्या ज्यादा है, लेकिन इसके विरुद्ध सिलेंडर की आपूर्ति बहुत कम है। गैस एजेंसी में लोगों ने ऐसे ही मसले को लेकर अपनी नाराजगी दिखाई। गेवरा कंज्यूमर समिति के चुनाव में निर्वाचित कार्यकारिणी सदस्य ने बताया कि अभी हिसाब किताब की प्रक्रिया नहीं हुई है। पुराने विवादों के कारण दिक्कत है। फिर भी हम समस्या को 15 से 30 दिन के अंदर सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। हमारी प्राथमिकता इसी बात की है कि जिन लोगों ने पहले बुकिंग की है, इस आधार पर उन्हें गैस सिलेंडर दिए जाएंगे। काफी समय से आरोप लगाते रहे है की पुरानी कमेटी के लोगों के द्वारा गैस सिलेंडर की आपूर्ति ब्लैक डोर से की जाती रही, इसके कारण वास्तविक लोग परेशान हुए। मौजूदा वैश्विक संकट के कारण हर तरफ टेंशन है। ऐसे में कोयलांचल के लोग चाहते हैं कि उधर राहत देने की व्यवस्था की जाए।
स्थानांतरण शुल्क में बढ़ौतरी
गैस सिलेंडर का स्थानांतरण शुल्क में बढ़ौतरी कर दी गई है। एक उपभोक्ता का निधन के बाद परिवार का सदस्य स्थानांतरण के लिए कोरबा गैस एजेंसी पहुंचा था। उसे बताया गया कि लगभग 4900 रूपए के आसपास स्थानांतरण शुल्क का लगेगा। साल भर पहले यह शुल्क 2000 के आसपास बताया गया था, कहीं ऐसा तो नहीं कि खाड़ी द्रेशों में युद्ध और सिलेंडर की किल्लत का हवाला देकर मनमाने वसूली की जा रही है। इसकी शिकायत खाद्य विभाग से मौखिक रूप में की गई है। अधिकारी ने कहा कि क्या गैस एजेंसी स्थानांतरण शुल्क की पक्की रसीद देने को तैयार है। अगर हां तो पक्की रसीद लेकर ही स्थानांतरण करवाएं। इसके बाद देखा जाएगा कि स्थानांतरण शुल्क कितना लेना चाहिए।







