बिलासपुर। आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी से जुड़े मामले में पीड़िता ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में आईपीएस अधिकारियों की बजाय किसी वरिष्ठ महिला आईएएस अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने और डांगी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
याचिका में दावा किया गया है कि मामले की जांच के लिए पहले नियुक्त किए गए तत्कालीन आईजी आनंद छाबड़ा और तत्कालीन डीआईजी मिलना कुर्रे इस प्रकरण की जांच करने के लिए सक्षम प्राधिकारी नहीं हैं। पीड़िता का कहना है कि आनंद छाबड़ा, रतनलाल डांगी के समान रैंक के अधिकारी हैं, जबकि मिलना कुर्रे उनसे एक रैंक नीचे पदस्थ थीं। ऐसे में दोनों अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती।







