जानकारी के अनुसार कुछ लोग बंदियों से मुलाकात के लिए जेल परिसर पहुंचे थे। इसी दौरान कथित तौर पर जेल के अंदर मोबाइल फोन से वीडियो बनाया गया। जेल में प्रवेश से पहले मुलाकातियों की जांच की जाती है, ऐसे में मोबाइल फोन परिसर के अंदर कैसे पहुंचा और वीडियो बनाने की जानकारी सुरक्षाकर्मियों को क्यों नहीं हुई, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बढ़ी चर्चा
वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। फिलहाल वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों और इसे रिकॉर्ड करने वाले व्यक्ति की पहचान को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। मामले में तथ्य जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बिलासपुर सेंट्रल जेल में इस तरह का मामला पहले भी सामने आने की बात कही जा रही है। पूर्व में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें एक कैदी को मोबाइल फोन पर बात करते हुए दिखाया गया था। इन घटनाओं के बाद जेल के भीतर मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित सामान की पहुंच को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
कैदियों की मौत का मुद्दा भी चर्चा में
बिलासपुर सेंट्रल जेल की व्यवस्थाओं को लेकर पिछले करीब एक साल में 6 कैदियों की मौत का मुद्दा भी सामने आया है। हालांकि अलग-अलग मामलों में मौत के कारण और परिस्थितियां अलग हो सकती हैं। इसलिए प्रत्येक मामले की आधिकारिक जांच और रिपोर्ट के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी करने की तैयारी
जेल प्रबंधन के अनुसार मुलाकातियों की प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच की जाती है। प्रबंधन का कहना है कि इसके बावजूद कुछ लोग कथित तौर पर मोबाइल फोन छिपाकर जेल के अंदर ले जाने में सफल हो जाते हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मुलाकातियों की जांच और निगरानी को और मजबूत करने तथा प्रतिबंधित वस्तुओं की पहुंच रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने की बात कही गई है।







