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कोरबा

पहले तोते को डसा, फिर घर में घुस भगवान की मूर्तियों के पीछे कुंडली मारकर बैठा नाग

कोरबा। लगातार हो रही बारिश के कारण बिल में रहने वाले जीव-जंतु बाहर आ रहे हैं। रविवार की सुबह पथरीपारा में एक घर में नाग  घुसकर पहले पिंजरे में बंद तोते को अपना शिकार बनाया,  फिर  पूजा रूम में घुसकर भगवान की मूर्तियों के पीछे कुंडली मारकर बैठ गया।

घटना पथरीपारा निवासी छोटू कुमार के घर की है। दोपहर को घर के बाहर रखे पिंजरे से तोते की तेज चीख की आवाज आई। जब परिजन बाहर पहुंचे तो देखा कि एक बड़ा नाग पिंजरे के अंदर घुसा हुआ है। कोबरा के डसने से पालतू तोते की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। इसके बाद सांप पिंजरे से निकलकर घर के अंदर चला गया और बगल में बने पूजा कमरे में प्रवेश कर गया।

पूजा रूम में प्रवेश करते ही कोबरा भगवान की मूर्तियों के बीच जाकर फन फैलाकर कुंडली मारकर बैठ गया। इस दृश्य को देखकर परिवार के साथ-साथ आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए। सावन माह और नाग पंचमी के कारण लोगों ने इसे आस्था से जोड़ लिया। किसी ने भी सांप को नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि कुछ लोगों ने उसकी पूजा-पाठ भी शुरू कर दी। घर पूजा रूम कुछ देर के लिए श्रद्धा का केंद्र बन गया।

घटना की सूचना मिलते ही परिजनों ने रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यूअर सोसाइटी आरसीआरएस के अध्यक्ष अविनाश यादव को फोन किया। सूचना मिलते ही अविनाश यादव अपनी टीम के सदस्य मानस के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। तब तक कोबरा पूजा रूम से निकलकर दूसरे कमरे में छिप गया था।

आरसीआरएस टीम ने पूरे घर की बारीकी से जांच की और पूरी सावधानी के साथ कोबरा का रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के दौरान टीम ने किसी को चोट नहीं लगने दी और न ही सांप को कोई नुकसान पहुंचा। रेस्क्यू के बाद परिवार और मोहल्ले के लोगों ने राहत की सांस ली। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कोबरा को सुरक्षित रूप से पकड़कर बाद में जंगल के प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।

आरसीआरएस और वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि घर या आसपास सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं। उसे मारने या छेड़ने की कोशिश न करें। तुरंत वन विभाग या आरसीआरएस  की प्रशिक्षित टीम को सूचना दें। टीम मौके पर पहुंचकर इंसान और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। सावन में पूजा रूम में नाग का मिलना लोगों के लिए कौतूहल और आस्था दोनों का विषय बन गया।

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