Home » गणेशोत्सव को लेकर प्रतिमाओं को आकार देने में जुटे कारीगर ! 14 सितंबर से 10 दिवसीय उत्सव
कोरबा छत्तीसगढ़

गणेशोत्सव को लेकर प्रतिमाओं को आकार देने में जुटे कारीगर ! 14 सितंबर से 10 दिवसीय उत्सव

कोरबा। गणेशोत्सव शुरू होने में अब 21 दिन शेष हैं, लेकिन नगर में गणपति उत्सव की तैयारियां अभी से जोर पकड़ने लगी हैं। 14 सितंबर से 23 सितंबर तक 10 दिवसीय गणेशोत्सव मनाया जाएगा। गली-मोहल्लों में गणेशोत्सव समितियां सार्वजनिक पंडाल और आयोजन की रूपरेखा तैयार करने में जुटी हैं। नगर में अनेक स्थानों पर सार्वजनिक रूप से गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की तैयारी है, जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने घरों में भी गणपति की स्थापना करेंगे।

गणेशोत्सव को भव्य बनाने के लिए समितियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोजन के लिए रसीद काटने का काम शुरू हो गया है। पंडाल, टेंट, लाइटिंग, प्रसाद और अन्य व्यवस्थाओं की बुकिंग भी समितियों के सदस्य कर रहे हैं। दस दिनों तक विभिन्न स्थानों पर पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

गणेश प्रतिमाओं को तैयार करने के लिए पश्चिम बंगाल के कोलकाता से मूर्तिकार अपने साथियों के साथ करीब दो महीने पहले कोरबा पहुंच गए हैं। अलग-अलग स्थानों पर टेंट लगाकर कारीगर मिट्टी से गणेश प्रतिमाओं को आकार देने में जुटे हैं। दिन-रात चल रहे इस काम में छोटी से लेकर विशाल प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मूर्तिकार के अनुसार इस वर्ष करीब 200 छोटी गणेश प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। इसके अलावा 3 से 6 फीट ऊंचाई की करीब 70 बड़ी प्रतिमाएं भी बनाई जा रही हैं। वे कई वर्षों से कोरबा आकर प्रतिमाएं तैयार करते हैं और यही उनका रोजगार का प्रमुख साधन है। समितियों के सदस्य मूर्तिकारों से प्रतिमाओं की बुकिंग के साथ पंडाल, टेंट, लाइट और प्रसाद की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। गणेशोत्सव नजदीक आने के साथ ही नगर में उत्सव का माहौल और भी रंगीन होने की उम्मीद है।

मिट्टी से ढांचा तक, कई चरणों में तैयार हो रही प्रतिमा

प्रतिमा निर्माण में काली मिट्टी के साथ बांस, रस्सी, लोहे की कांटी और पैरा का इस्तेमाल किया जा रहा है। पहले बांस का ढांचा तैयार किया जाता है, फिर उसे रस्सी और अन्य सामग्री के सहारे आकार दिया जाता है। इसके बाद मिट्टी की परत चढ़ाकर प्रतिमा को अंतिम स्वरूप दिया जाता है। रंग-रोगन और सजावट के बाद गणपति प्रतिमाएं पंडालों तक पहुंचाई जाएंगी।

Search

Archives