मृतकों की संख्या हुई 962, 4000 लोग लापता
काठमांडू। नेपाल त्रासदी की भयावह तस्वीर अब धीरे धीरे सामने आने लगी है। बिखरे मलबों में जिंदगियां तलाशने का मंजर अब भी भयावह है। नेपाल की पहाड़ियों से उतरी विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के कई दिनों बाद भी तबाही की खौफनाक तस्वीर की बात करें तो अभी भी पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है। पुलिस के मुताबिक, मकान के एक कमरे से 21 और बाहर से दो शव बरामद हुए हैं।
रेस्क्यू में जुटी एजेंसियों के मुताबिक अब तक करीब 962 लोगों के शव बरामद हुए हैं, जबकि लगभग चार हजार लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल की बाढ़ से मरने वालों का, बरामद शवों का आंकड़ा हर दिन बढ़ रहा है। तबाही की सबसे खौफनाक झलक नुवाकोट जिले के वेत्रवंती में देखने को मिलीं। रेस्क्यू के दौरान एक ही घर से 23 शव बरामद हुए हैं। आशंका व्यक्त की जा रही है कि ये तीर्थयात्री हो सकते हैं। वहीं, भारत के कुशीनगर में गंडक नदी से भी अब तक 13 शव मिले हैं। इनमें छह महिलाएं और सात पुरुष शामिल है। भारत अब इन शवों को नेपाली एजेंसियों को सौंपने की तैयारी में है। इसी तरह रसुवा जिले के उत्तरगया गांव से एक साथ 350 छात्रों का लापता होना पूरे देश के लिए गहरे सदमे जैसा है।
वहीं, त्रिशूली 3बी परियोजना की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है, जहां अधिकारियों और श्रमिकों समेत 118 लोग फंसे हैं, जिनसे अब तक कोई संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है, वहीं, त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना में बचाव अभियान छठे दिन भी रुका हुआ है।
अब तक मृतकों का आंकड़ा 962 हो चुका है, जबकि 4 हजार से ज्यादा लोग अभी-भी लापता हैं। सुरंगों में कीचड़ और मलबा भर जाने के कारण बचाव दल को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
राहत और बचाव कार्य में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सर्च और रेस्क्यू के दौरान घर के एक कमरे से 21 शव, जबकि बाहर से 2 शव बरामद किए गए। पुलिस को आशंका है कि ये तीर्थयात्री हो सकते हैं, वहीं, नुवाकोट के एसपी विपिन रेग्मी ने कहा कि एक ही कमरे में 21 और बाहर 2 लोगों के शव मिले हैं। एक शव विदेशी नागरिक का जैसा दिखता है। संभवतः ये गोसाईंकुंड जाने वाले यात्री हो सकते हैं।
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में करीब 65,000 लोगों को पानी, स्वच्छता और हाइजीन से जुड़ी आपात सहायता की जरूरत है। हजारों महिलाओं और बच्चों को सुरक्षा और पोषण संबंधी मदद की भी आवश्यकता है।







