तुर्की-सीरिया – सोमवार को आए विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या 15 हजार से ऊपर पहुंच गई है। रेस्क्यू ऑपरेशन दोनों ही देशों में अभी भी जारी है। भारत सहित दुनिया के कई अन्य देशों की टीम वहां हताहतों की मदद करने में जुटी हुई है।
अभी भी तुर्की और सीरिया के कई शहरों से मलबों को हटाने का काम जारी है। मलबों के अंदर से अभी भी लाशें बाहर आ रही हैं। ऐसे में मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। दूसरी ओर भूकंप से दोनों देशों की इंफ्रास्ट्रक्चर को भी भारी नुकसान हुआ है। जिसकी भरपाई काफी मुश्किल है। भारत सहित दुनिया के कई देशों से रेस्क्यू टीम तुर्की और सीरिया में पहुंचककर राहत और बचाव कार्य चला रहे हैं। ऑपरेशन दोस्ती के तहत भारत से अभी तक एनडीआरएफ की छठी टीम तुर्की पहुंच चुकी है। जो अलग-अलग इलाकों में तुर्की की सेना और स्थानीय टीम के साथ मिलकर मानवता को बचाने की कोशिश में लगी हुई है।
इधर सोमवार को आए विनाशकारी भूकंप में लगातार बढ़ रही मौतों और सरकार की प्रतिक्रिया पर निराशा के बीच तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने बुधवार को कहा कि इतनी बड़ी आपदा के लिए तैयार रहना संभव नहीं थाए राष्ट्रपति ने कहा अभी का समय एकता और एकजुटता का है। इस तरह के दौर मेंए मैं राजनीतिक हित के लिए नकारात्मक अभियान चलाने वाले लोगों का पेट नहीं भर सकता।







