नई दिल्ली। क्या आप भी उन लोगों में से हैं, जो रात को सोते समय अपना स्मार्टफोन अपने तकिये के नीचे या सिरहाने रखकर सोते हैं? अगर हां, तो यह आर्टिकल आपके लिए है।
हम में से बहुत से लोगों की आदत होती है कि वे रात को सोते समय अपना फोन अपने तकिये के पास या बिस्तर पर ही रखकर सोते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह एक बहुत ही खतरनाक आदत है?
डॉ. तरंग कृष्णा की मानें, तो यह आदत भविष्य में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है। इसलिए, बेहतर यही है कि आप फोन को अपने बेडरूम में बिल्कुल न ले जाएं।
डब्ल्यूएचओ ने भी दी है चेतावनी
डॉक्टर का कहना है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी इस बारे में चेतावनी दी है। जब फोन से बहुत ज्यादा मात्रा में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन निकलता है, तो इससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इस रेडिएशन के संपर्क में आने से ब्रेन ट्यूमर होने की संभावना भी काफी बढ़ जाती है। इसलिए, फोन को अपने सिर के पास रखकर सोना सेहत के लिए बहुत हानिकारक है।
नींद की दुश्मन है ब्लू लाइट
फोन से निकलने वाली ’ब्लू लाइट’ एक और बड़ी समस्या है। यह ब्लू लाइट आपको सोने नहीं देती। यह आपके दिमाग को शांत होने के बजाय ’हाइपरएक्टिव’ रखती है। जब तक आपका दिमाग शांत नहीं होगा, आपको अच्छी नींद नहीं आएगी और फोन की यह लाइट यही काम करती है।
आपका ध्यान खींचने की साजिश
असल में, फोन को बनाया ही इस तरह गया है कि यह आपका ध्यान खींच सके। इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सभी ऐप्स इसी मकसद से बनाए गए हैं कि वे आपका पूरा ध्यान अपनी तरफ खींच लें। जितना ज्यादा वे आपका ध्यान खींचते हैं, उतना ही आप असल दुनिया से दूर होते जाते हैं।
हम यह महसूस नहीं कर पाते, लेकिन यह फोन हमें धीरे-धीरे कैंसर और बीमारियों की तरफ धकेल रहा है। यह एक ’साइंट एनिमी’ की तरह है जो आपके ठीक पीछे खड़ा है। आपको पता भी नहीं चलता कि यह दुश्मन कब आप पर वार कर दे। इसलिए, अपनी सुरक्षा के लिए फोन को खुद से दूर रखना ही बेहतर है।







