नई दिल्ली: एजुकेशन स्टार्टअप बायजू के फाउंडर बायजू रवींद्रन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सिंगापुर की एक अदालत ने उनकी छह महीने की जेल की सजा को पलटने की अपील खारिज कर दी है। रवींद्रन को अदालत की अवमानना के मामले में मई में 6 महीने जेल की सजा सुनाई गई थी।
इसके बाद पिछले महीने इस पर रोक लगा दी थी। बायजू कभी देश की सबसे वैल्यूएबल स्टार्टअप हुआ करती थी लेकिन अब यह कई तरह की परेशानियों से घिरी है। कोर्ट के आदेश का मतलब है कि रवींद्रन जब तक वह सजा काटने के लिए तैयार नहीं होते, तब तक वह सिंगापुर वापस नहीं आ सकते।
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक रवींद्रन को लीगल सर्विस दे रही लॉ फर्म Lazareff Le Bars ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि सिंगापुर के कोर्ट ने 9 जुलाई को बायजू रवींद्रन की सजा रोकने की अर्जी ठुकरा दी। लीगल फर्म के वकील जे. माइकल मैकनट ने बयान में कहा, “मिस्टर रवींद्रन का कहना है कि उन्होंने जानबूझकर या अनजाने में कोर्ट के किसी आदेश का उल्लंघन नहीं किया है और वह सही कानूनी प्रक्रिया के जरिए हर कानूनी उपाय अपनाते रहेंगे।”
अर्श से फर्श तक : कभी भारतीय स्टार्टअप इंडस्ट्री को पोस्टर बॉय माने जाने वाले रवींद्रन ने ऑनलाइन ट्यूटरिंग कंपनी Think & Learn Pvt शुरू की थी। इस कंपनी ने उन्हें अरबपति बना दिया था। लेकिन तेजी से विस्तार और कथित तौर पर कॉर्पोरेट गवर्नेंस में गड़बड़ियों के कारण बाद में यह कंपनी डूब गई।
आज रवींद्रन को अमेरिका समेत कई देशों में निवेशकों के दावों का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी निवेशक 1.2 बिलियन डॉलर के डूब चुके लोन से हुए नुकसान की भरपाई के लिए लड़ रहे हैं। सिंगापुर में कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी की एक सब्सिडियरी रवींद्रन के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रही है।







