दिल्ली की राजनीति में 27 साल बाद आखिरकार बीजेपी ने अपनी एंट्री कर ही ली है। गुरुवार को दिल्ली सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें शालीमार से विधायक रेखा गुप्ता ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता शपथ लेने के 6 घंटे बाद यमुना घाट पहुंचीं। उनके साथ 6 मंत्री भी हैं। वे यहां वासुदेव घाट पर आरती करेंगी। यहीं नई सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग होगी। दिल्ली विधानसभा चुनाव में यमुना की सफाई बड़ा मुद्दा है। भाजपा ने भी अपने मेनिफेस्टो में यमुना की सफाई का वादा किया था। यह कार्यक्रम इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
रेखा गुप्ता ने गुरुवार दोपहर 12:30 बजे दिल्ली के रामलीला मैदान में शपथ ली। रेखा शालीमार बाग सीट से पहली बार की विधायक हैं। वे दिल्ली की 9वीं और चौथी महिला सीएम बन गई हैं। इससे पहले सुषमा स्वराज, शीला दीक्षित और आतिशी मुख्यमंत्री रहीं। इस समारोह में पीएम मोदी, अमित शाह के अलावा बीजेपी शासित 21 राज्यों के सीएम, डिप्टी सीएम भी मौजूद रहे। आप नेता अरविंद केजरीवाल और आतिशी शपथ में नहीं पहुंचे।
रेखा के अलावा 6 मंत्रियों ने भी शपथ ली। इनमें प्रवेश वर्मा, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, रविंद्र इंद्राज सिंह, कपिल मिश्रा और पंकज कुमार सिंह शामिल है। वहीं शपथ से पहले रेखा गुप्ता ने गुरुवार सुबह मीडिया से बातचीत में कहा, ‘यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। मुझ पर भरोसा जताने के लिए मैं PM मोदी और पार्टी हाईकमान का शुक्रिया अदा करती हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं दिल्ली की CM बनूंगी। मैं शीशमहल में नहीं रहूंगी।’ दिल्ली के मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास को भाजपा ने शीशमहल नाम दिया था। अरविंद केजरीवाल ने इसे बनवाया था। भाजपा का आरोप है कि केजरीवाल ने इसे बनवाने में नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों रुपए खर्च किए थे। भाजपा ने इसे चुनावी मुद्दा भी बनाया था।







