दुर्ग में जिला पुलिस ने एक बार फिर सूदखोरी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी द्वारा पीड़ित को 1.60 लाख रुपये उधार दिए गए थे, जिसके एवज में वह मूलधन और ब्याज के रूप में 22 लाख रुपये की मांग कर रहा था। रकम की वसूली के लिए कर्जदार को लगातार धमकियां दी जा रही थीं। आखिरकार, तंग आकर कर्जदार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पद्मनाभपुर थाने की पुलिस ने आरोपी सूदखोर को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी हरीश पारख के पास से इकरारनामा, 11 चेक बुक और साहूकारी लाइसेंस जब्त किया है। पीड़ित ने थाने में लिखित आवेदन देकर बताया कि स्वास्थ्य खराब होने के कारण उसने आरोपी हरीश पारख से 1,60,000 रुपये उधार लिए थे। आरोपी इस रकम पर 10 प्रतिशत ब्याज वसूल करता था और भुगतान न करने पर राशि को दोगुना कर देता था। पीड़ित के अनुसार, उसने आरोपी को 3,20,000 रुपये का भुगतान कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद आरोपी ने अवैध तरीके से स्टेट बैंक के 11 खाली चेक पर हस्ताक्षर करवाकर 22 लाख रुपये की मांग शुरू कर दी।
धमकी और अवैध वसूली से परेशान होकर दर्ज कराई शिकायत : आरोपी की धमकी और अवैध वसूली से तंग आकर पीड़ित ने पद्मनाभपुर थाने में हरीश पारख के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने धारा 296, 351(2), 308(2) बीएनएस और 04 कर्जा एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान आरोपी हरीश पारख को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में हरीश पारख ने स्वीकार किया कि उसने पीड़ित को 1,60,000 रुपये उधार दिए थे और बदले में 11 खाली चेक पर हस्ताक्षर करवाकर 22 लाख रुपये की मांग की थी, साथ ही एक इकरारनामा भी बनवाया था। इस स्वीकारोक्ति के आधार पर आरोपी हरीश पारख को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है।







