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छत्तीसगढ़

बंद कमरे में मां और दो बच्चों की लाश : हत्या का सनसनीखेज खुलासा, पति ही निकला मास्टरमाइंड

रायगढ़ । जिले के छाल थाना क्षेत्र के ग्राम कीदा में महिला और दो बच्चों की निर्मम हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका सुकांति साहू 35 वर्ष की हत्या का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि उसका पति महेन्द्र साहू 43 वर्ष ही था। पत्नी की हत्या की साजिश रचने के बाद उसने अपने मित्र भागीरथी राठिया 35 वर्ष को हत्या की सुपारी दी। 22 मई को गांव के सरपंच सीताराम राठिया ने छाल थाना में शिकायत दी कि महेंद्र साहू के घर से तेज दुर्गंध आ रही है।

पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल, एसडीओपी प्रभात पटेल के नेतृत्व में छाल, घरघोड़ा पुलिस, साइबर सेल, एफएसएल और डॉग स्कवायड की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। दरवाजा तोड़ने पर घर में घाट पर महिला और उसके दो बच्चों युगल 15 वर्ष और प्राची 12 वर्ष के शव मिले। शरीर पर धारदार हथियार से हमले के निशान थे। जिससे साफ हुआ कि तीनों की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। पुलिस ने जांच के लिए विशेष टीम गठित की और जांच की निगरानी स्वयं पुलिस अधीक्षक ने की। शुरूआती जांच में ही पति महेंद्र पर संदेह गहराने लगा। मृतका के मायके पक्ष और ग्रामीणों ने बताया कि महेंद्र अक्सर अपनी पत्नी से मारपीट करता था और दोस्तों के साथ पार्टी करता था। जिससे आए दिन घर में झगड़े होते थे। पुलिस ने जब महेंद्र और उसके मित्रों से छुटकारा पाने और पैसे व जमीन के लालच में अपने मित्र भागीरथी राठिया को हत्या के लिए उकसाया। बदले में उसे 5 डिसमिल जमीन और मुआवजे की राशि देने का वादा किया। योजना के अनुसार महेंद्र ने पहले से ही घर का दरवाजा ढीला रखा था, ताकि हत्यारा आसानी से भीतर प्रवेश कर सके।

वारदात की रात महेन्द्र गांव से बाहर चला गया। उसी रात भागीरथी ने घर में घुसकर टांगी से सुकांति और दोनों बच्चों की हत्या कर दी। पुलिस ने भागीरथी के मेमोरेंडम पर घटना में प्रयुक्त टांगी और महेंद्र के बयान पर दरवाजा ढीला करने में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड जप्त की है। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने धारा 61-2, 3-5 के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा एसपी दिव्यांग पटेल और एसडीओपी प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में हुआ। छाल, घरघोड़ा, खरसिया पुलिस, साइबर सेल, एफएसएल और डॉग स्कवायड की आठ से अधिक टीमों ने बेहतरीन तालमेल से 72 घंटे में इस हत्याकांड की गुत्थी को सुलझा लिया। पुलिस टीम की तत्परता और समन्वय से एक बड़ी सफलता हासिल हुई।

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