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छत्तीसगढ़

लगातार बारिश का असर, एशिया के एकमात्र सायफन डैम के गेट खुले, गंगरेल बांध में 90 प्रतिशत जलभराव

धमतरी। धमतरी जिले में बीते 24 घंटे से हो रही लगातार बारिश का असर बांधों में नजर आ रहा है। एक तरफ जहां माडमसिल्ली बांध में 98 प्रतिशत जल भराव के बाद उसके गेट खुद-ब-खुद खुल गए हैं, वहीं दूसरी ओर गंगरेल बांध में 80.7 प्रतिशत जलभराव के बाद गेट खोलने की तैयारी है।

माडमसिल्ली बांध में 98 प्रतिशत जलभराव के बाद एयर प्रेशर से गेट ऑटोमैटिक खुल गए है। अंग्रेजों द्वारा बनाए गए सायफन सिस्टम में जलभराव होने पर दबाव से गेट अपने आप खुलते हैं। गेट खुलने से अत्यधिक मात्रा में पानी का बहाव हो रहा है, वहीं प्रदेश के बड़े बांधों में से एक रविशंकर सागर जलाशय परियोजना (गंगरेल) बांध में 3548 क्यूसेक पानी की आवक हो चुकी है। 90.72 प्रतिशत जलभराव के साथ ही जल्द ही बांध के गेट खोले जाएंगे।

लगातार हो रही बारिश से जिला तरबतर हो चुका है। धमतरी में बारिश का कोटा लगभग पूर्णता की ओर है। बांध में पानी के भराव के साथ ही बांध के करीब बसे गांवों की मानिटरिंग की जा रही है।

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