सक्ती। एसआई रेप केस ने पूरे इलाके को हिला दिया। एक शादीशुदा महिला ने आरोप लगाया है कि पुलिस विभाग में पदस्थ एक एसआई ने फेसबुक के जरिए दोस्ती की, खुद को अविवाहित बताया और फिर संबंध बनाए। महिला का दावा है कि बाद में उसे ब्लैकमेल किया गया।
ऑनलाइन चैट से शुरू, आरोपों तक पहुंचा मामला
महिला के अनुसार, बातचीत फेसबुक पर शुरू हुई। धीरे-धीरे रिश्ता निजी हुआ। भरोसा बना। यहीं से कहानी मोड़ लेती है। महिला का आरोप है कि संबंधों के दौरान आरोपी ने छिपकर उसके आपत्तिजनक वीडियो बनाए। बाद में इन्हीं वीडियो का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया गया। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब महिला के गर्भवती होने का दावा सामने आया। आरोप है कि उस दौरान अबॉर्शन कराया गया और फिर लगातार धमकियां दी गईं।
डर, दबाव और चुप्पी का माहौल
स्थानीय स्तर पर इस खबर के फैलते ही हलचल तेज हो गई। लोगों के बीच चर्चा है, लेकिन आधिकारिक बयान अभी सीमित हैं। आप महसूस कर सकते थे। एक अजीब सा सन्नाटा। लोग बोलना चाहते हैं, पर रुक जाते हैं। मामला पुलिस से जुड़ा है, इसलिए डर और गहरा है।
कानूनी नजरिया क्या कहता है?
अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो इसमें कई गंभीर धाराएं लग सकती हैं। रेप, ब्लैकमेल, आईटी एक्ट के तहत अपराध, और जबरन गर्भपात। यह केस सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, सिस्टम की जवाबदेही का भी सवाल बन सकता है।







