बिलासपुर। थाना सिविल लाइन क्षेत्र अंतर्गत एक अधिवक्ता के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है। प्रार्थी रेणुका दिघ्रस्कर निवासी तिलक नगर ने डीटीडीसी कंप्यूटर कंपनी के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। मामले में पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 66डी और भारतीय न्यास संहिता की धारा 318 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
प्रार्थी ने बताया कि उन्होंने 18 जुलाई 2025 को डीटीडीसी कूरियर कार्यालय सरकंडा से पुणे निवासी अपनी भाभी को कपड़े, पर्स और राखी का पार्सल भेजा था, जिसकी रसीद पर 480 रूपए का भुगतान किया गया। 22 जुलाई को पुणे में डीटीडीसी की ओर से पार्सल डिलीवरी होने का संदेश मिला, परंतु वास्तव में पार्सल प्राप्त नहीं हुआ था। जब कूरियर कंपनी से संपर्क किया गया तो बताया गया कि रिसेप्शननिस्ट ने पार्सल रिसीव किया है। जबकि आफिस में कोई रिसेप्शनिस्ट है ही नहीं। प्रार्थी के अनुसार जब उन्होंने शिकायत के लिए डीटीडीसी के कथित कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क किया तो एक व्यक्ति ने खुद को दीपक बताते हुए कॉल किया और पार्सल की जानकारी लेकर एक ऐप डाउनलोड करवाया। इसके बाद अंजली के मोबाईल पर 10 का रिचार्ज करने को कहा। जैसे ही रिचार्ज किया गया, प्रार्थी का फोन हैंग हो गया और थोड़ी ही देर में उनके बैंक के खाते से 62,000 ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए गए।
फोन पे की हिस्ट्री के अनुसार यह राशि ब्रम्हापुर स्थित बंधन बैंक के खाते में ट्रांसफर की गई थी। रेणुका ने तुरंत बैंक और थाना सिविल लाइन में शिकायत दी, लेकिन बैंक द्वारा अकाउंट फ्रीज करने में देर की गई। पुलिस ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी के मोबाईल नंबर तथा बैंक अकाउंट की जांच शुरू कर दी है। यह घटना न सिर्फ साइबर ठगी की बढ़ती घटनाओं को उजागर करती है, बल्कि यह दर्शाती है कि किस प्रकार कूरियर कंपनी के नाम पर आम नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है।







