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छत्तीसगढ़

2 साल बाद न्याय : एएसआई की हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास

कोरबा। जिले के बांगो थाने में 2 साल पूर्व हुई एएसआई नरेंद्र सिंह परिहार की नृशंस हत्या के मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी करण गिरी को दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास की सजा और अर्थदंड से दंडित किया है।

हत्या बदला लेने के लिए की गई थी

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी करण गिरी ने एएसआई नरेंद्र सिंह परिहार की हत्या इसलिए की थी, क्योंकि उन्होंने होली की रात डीजे जप्त कर लिया था। आरोपी ने इस बात से रंजिश रखी थी और एएसआई को जान से मारने की नीयत से उनके बैरक में घुसकर धारदार हथियार टांगी से हमला कर दिया।

पुलिस की जांच और आरोपी की गिरफ्तारी

पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था, जिसमें सायबर टीम की मदद ली गई थी। पुलिस ने आरोपी करण गिरी को 24 मार्च को गिरफ्तार किया था। आरोपी ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार किया था और बताया था कि उसने एएसआई की हत्या के बाद हथियार को नदी में धोकर झाड़ियों में फेंक दिया था।

न्यायालय का फैसला

तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश, कटघोरा एच के रात्रे ने संपूर्ण मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी करण गिरी को दोषसिद्ध पाते हुए धारा 450 भादवि में 7 वर्ष की सजा और धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। आरोपी को अर्थदंड भी देना होगा, राशि भुगतान न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

पुलिस की भूमिका

बांगो थाना प्रभारी निरीक्षक अभय सिंह बैस, सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक सनत सोनवानी और संयुक्त टीम में शामिल पुलिस कर्मियों की अहम भूमिका पूरे मामले को सुलझाने में रही। पुलिस की कड़ी मेहनत और जांच के बाद ही आरोपी को गिरफ्तार किया जा सका और न्यायालय ने उसे सजा सुनाई।

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